देश की आजादी में सबसे ज्यादा कुर्बानियां पंजाबियों ने दी है। सिख कौम के महान जरनैल बाबा बंदा सिंह बहादुर ने देश की आजादी के लिए पहलकदमी की। साथ ही खालसा राज की स्थापना की थी। यह जानकारी सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने दी।
उन्होंने बताया कि भले ही देश की आजादी से लेकर देश को आत्मनिर्भर बनाने में सिख कौम का योगदान सबसे ज्यादा रहा है। लेकिन सिख कौम को कभी इंसाफ नहीं मिला। पीलीभीत जेल में सात सिख कैदियों की नवंबर 1994 में हत्या कर दी गई थी। उन्होंने घटना को बेहद दुखदाई बताते हुए इसकी सीबीआई से जांच करवाने की मांग की है।
इसके लिए अकाली दल के नेताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। राजनाथ सिंह ने उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी मेवा सिंह सिद्धू, हलका इंचार्ज हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा, हरदेव सिंह, अकाली शहरी के प्रधान परमजीत सिंह काहलो, पार्षद गुरमुख सिंह सोहल, मनीत सिंह मुंधों संगतियां और समाजसेवी अमर सिंह रंधावा मौजूद रहे।