जीरकपुर। रविंद्रा एनक्लेव में कुत्तों का कहर जारी है। बलटाना के रविंद्रा एनक्लेव फेज 1 निवासी सुरेश खटकड़, अंगरेज सिंह, गोबिंद, पूनम, सविता, गोल्डी, भगवती शर्मा समेत करीब दो दर्जन लोगों ने परेशान होकर बलटाना चौकी में शिकायत दर्ज करवाई है। लोगों का कहना है कि काउंसिल के पास करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद यहां के अधिकारी लोगों की इस समस्या का कोई हल नहीं निकाल रहे हैं।
लोगों ने बताया कि उनकी सोसायटी में एक महिला ने अपने घर के बाहर 15-20 लावारिस कुत्तों को रखा है। वह उन्हें खाना देती है। वे कुत्ते गली में अक्सर खुले घूमते रहते हैं। उन्हें किसी तरह का इंजेक्शन नहीं लगा है। ये कुत्ते कई बार लोगों को काट चुके हैं। उक्त कुत्तों के बारे लोग जब उस महिला से बात करते हैं तो वह झगड़ा करना शुरू कर देती है और पर्चा दर्ज करवाने की धमकी देती है। वहीं थाने में इकट्ठे हुए लोगों ने नगर काउंसिल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की।
लोगों की सैर और बच्चो का खेलना हुआ बंद
लोगों ने बताया कि हम इन कुत्तों से परेशान हो चुके हैं। इनके कारण न तो कोई सुबह की सैर कर पाता है और न ही बच्चे कुत्तों के डर से खेल पाते हैं। वह काउंसिल को कई बार बोल चुके हैं लेकिन उनके द्वारा कोई हल नहीं किया जाता। इस कारण उन्होंने अब पुलिस को शिकायत की है।
दो साल पहले बनाए अस्पताल को शुरू होने का इंतजार
लोगों ने बताया कि नगर काउंसिल जीरकपुर ने दो वर्ष पहले लावारिस कुत्तों की नसबंदी करने के लिए लाखों रुपये की लागत से पभात एरिया में एक अस्पताल बनाया था, जो अभी तक बंद पड़ा है। करोड़ों रुपये के बजट के बावजूद कुत्तों की समस्या खत्म नहीं हो रही है। इस संबंध में सैनेटरी इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह से संपर्क किया जा चुका है लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई।
क्या कहती हैं महिला
कुत्तों की देखभाल मैं करती हूं। उन्हें खाना, पानी और दूध देने के साथ समय-समय पर इंजेक्शन भी लगवाती हूं। गली के कुछ लोगों ने कुत्तों को मारने की कोशिश की। इस संबंधी बलटाना थाने में शिकायत भी दी लेकिन उनके खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज मैंने थाने जाना था लेकिन घर में मेहमान आने के कारण नहीं जा पाई। -एनी डेविड (कुत्तों की देखभाल करने वाली महिला), वासी बलटाना
क्या कहते हैं अफसर
हमें शिकायत मिली है। उस महिला को भी बुलाया गया है। दोनों पार्टियों को बुलाकर बात की जाएगी, जो भी बनती कार्रवाई होगी, वह की जाएगी। -बर्मा सिंह, चौकी इंचार्ज, बलटाना
इन कुत्तों का फिलहाल कुछ नहीं कर सकते। पंजाब सरकार ने अभी तक इन कुत्तों के लिए कोई टेंडर जारी नहीं किया। टेंडर जारी होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। -राजिंदर सिंह, सैनेटरी इंस्पेक्टर, जीरकपुर