मोहाली। पंजाबी गायक और अभिनेता परमीश वर्मा और उनके दोस्त पर गोली चलाने के मामले में अदालत ने सुनवाई में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने चार पुलिसकर्मियों सहित पांच गवाहों के खिलाफ नए गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। गवाहों के पेश न होने के कारण अदालत ने यह आदेश दिया है।
अदालत ने गवाह गुरकीरत सिंह, एएसआई सुखपाल सिंह, एएसआई जसपाल सिंह, एसआई मलकीत सिंह और एएसआई सेवा सिंह को अगली तारीख पर पेश करने के आदेश दिए हैं। गवाहों के बयान और सबूत दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए डीआईजी रोपड़ रेंज को पत्र भेजा गया है। इस मामले में आरोप 18 जनवरी 2024 को तय किए गए थे। अभियोजन पक्ष को अपने साक्ष्य पूरे करने के लिए पहले भी कई अवसर दिए गए, लेकिन गवाही पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने अभियोजन पक्ष के रवैये को लापरवाहीपूर्ण और गैर-गंभीर बताया। इसी वजह से मुकदमे की सुनवाई में अनावश्यक देरी हुई है। अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपनी पूरी गवाही पूरी करने का अंतिम अवसर दिया है।
अहलमद को फटकार
मामले की सुनवाई में देरी को लेकर अदालत ने अहलमद की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। आदेश में कहा गया कि अहलमद की ओर से कोई कार्रवाई जारी नहीं की गई। अदालत ने उसे भविष्य में सावधान रहने की चेतावनी दी। ऐसा दोबारा होने पर पंजाब कोर्ट्स एक्ट की धारा 36 के तहत कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
आरोपियों की पेशी
मामले में आरोपी आशीष ने मुकदमे की जल्द सुनवाई के लिए आवेदन दायर किया था। अदालत ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई पहले से ही तेज गति से की जा रही है। अदालत ने आरोपियों दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा, सुखप्रीत सिंह उर्फ बुड्ढा, आशीष और हरजिंदर सिंह को 17 सितंबर को अदालत में पेश करने के लिए पेशी वारंट जारी किए हैं। अगली सुनवाई में अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी कराने और लंबित गवाहों को अदालत में पेश कराने पर विशेष जोर रहेगा।