चार साल बाद अदालत का फैसला, सुनील कुमार की हत्या कर भाखड़ा नहर में फेंका था शव
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। बहुचर्चित सुनील कुमार हत्याकांड में अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने पंकज शर्मा और दलजीत कौर को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 364 (अपहरण), 201 (साक्ष्य नष्ट करना) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी पाया। यह मामला 13 फरवरी 2021 को दर्ज प्राथमिकी संख्या 32 से संबंधित है।
अभियोजन के अनुसार 13 फरवरी 2021 को गांव मटौर निवासी सुनील कुमार का शव भाखड़ा नहर में मिला था। वह 10 फरवरी की रात शादी में जाने की बात कहकर घर से निकले थे लेकिन फिर नहीं लौटे। 12 फरवरी को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। बाद में उनकी कार कजौली पुल के पास लावारिस हालत में मिली।
शव परीक्षण में सामने आया कि मृतक के हाथ प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे और गले में रूमाल व चिपकने वाली पट्टी लिपटी हुई थी। जांच के दौरान मृतक के बेटे ने बताया कि उसके पिता के दलजीत कौर से संबंध थे और पंकज शर्मा के साथ व्यापारिक विवाद चल रहा था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 10 फरवरी 2021 को दोनों ने सुनील कुमार को दलजीत कौर के घर बुलाया, शराब पिलाई और सिर पर वार कर गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में डालकर भाखड़ा नहर में फेंक दिया गया। बाद में मृतक की कार को कजौली पुल के पास खड़ा कर दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार, दोपहिया वाहन, चिपकने वाली पट्टी, धपली और मृतक से लिखवाया गया कथित माफीनामा भी बरामद किया। मोबाइल कॉल विवरण और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट ने भी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य मजबूत किए।
करीब चार वर्ष तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया। सजा की अवधि संबंधी आदेश 18 फरवरी 2026 को सुनाया गया।