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जिन जमीनों की नहीं होगी नीलामी, उन पर पंचायत विभाग करवाएगा खेती

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मोहाली। ग्रामीण विकास विभाग ने सालाना खुली बोली के माध्यम से ठेके पर दी जाने वाली पंचायती जमीनों संबंधी अहम फैसला लिया है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों के साथ बैठक के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि खुली बोली के तहत ठेके पर न चढ़ने वाली कृषि योग्य शामलात जमीनों पर ग्रामीण विकास विभाग खेती करवाएगा। यह फैसला कुछ लोगों की तरफ से जानबूझ कर तय रेट के बजाय कम रेट पर शामलात जमीनों को ठेके पर लेने की प्रक्रिया को रोकने के लिए लिया गया है।
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धालीवाल ने कहा कि कुछ मामले ऐसे भी हैं कि लोगों की तरफ से साजिश के अंतर्गत शामलात जमीनों की खुली बोली नहीं होने दी जाती है। बाद में वे खाली पड़ी शामलात जमीनों पर अवैध कब्जे करके कृषि करते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। अधिकारियों को स्पष्ट हिदायतें जारी की गई हैं कि एक हफ्ते के अंदर-अंदर खुली बोली के द्वारा कृषि योग्य पंचायती जमीनों को ठेके पर देने की प्रक्रिया पूरी की जाए और निर्धारित कम से कम रेट से नीचे किसी को भी ठेके पर जमीन न दी जाए।
अधिकारियों ने बताया कि 1.50 लाख एकड़ पंचायती जमीन को सालाना ठेके पर दिया जाता है। इसमें से लगभग 50 प्रतिशत के करीब जमीन को ठेके पर देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 10 जून तक शामलात जमीनों की बोली प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ बनती विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर वित्तीय कमिश्नर ग्रामीण विकास विभाग सीमा जैन, डायरेक्टर ग्रामीण विकास विभाग गुरप्रीत सिंह खैहरा के अलावा मुख्यालय के सीनियर अधिकारी और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी भी मौजूद थे।
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ग्राम सभा के सत्र में शामिल न होने वाले सरपंचों पर होगी कार्रवाई
धालीवाल ने राज्य में ऐतिहासिक पहल करते हुए ग्राम सभा के सत्र का प्रोग्राम भी जारी किया। सत्र से पहले तीन राज्य स्तरीय सेमिनार ग्रामीण विकास में ग्राम सभा की भूमिका विषय पर 11 से 13 जून को करवाए जाएंगे। यह सेमिनार ग्रामीण विकास विभाग की तीन डिवीजनों पटियाला, फिरोजपुर और जालंधर में करवाए जाएंगे। इनमें नामी माहिर ग्राम सभा के महत्व संबंधी लोगों को जागरूक करेंगे जिससे गांवों के विकास को और योजनाबद्ध तरीके से करवाया जा सके। मंत्री ने साथ ही बताया कि इसके बाद 15 से 26 जून तक राज्य भर के सभी गांवों में ग्राम सभा के सत्र करवाए जाएंगे। गांवों के सरपंचों का इनमें शामिल होना जरूरी है। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कब्जामुक्त होंगी 85 निजी कॉलोनियां
शामलात जमीनों से अवैध कब्जे हटाने की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को हिदायतें जारी करते हुए कहा कि विभाग के अधिकारियों के पास चल रहे मामलों को अनावश्यक न लटकाया जाए और जल्द निपटाया जाए। इसके साथ उन्होंने निजी कालोनाइजरों की तरफ से पंचायती जमीनों पर किए कब्जों को छुड़वाने संबंधी भी अधिकारियों को हिदायतें जारी कीं। इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि प्राथमिक तौर पर की जांच में ऐसी 85 निजी कॉलोनियों के मामले सामने आए हैं जहां निजी कॉलोनाइजरों ने पंचायती जमीनों पर कब्जे किए हैं। मंत्री ने इन्हें कब्जामुक्त करने के लिए कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए।
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