मोहाली। मानसून में देरी और नहरी पानी की कमी के कारण मोहाली जिले में धान की रोपाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। करीब 25 दिन से नहरों में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई गांवों में धान की फसल सूखने लगी है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का डर है। किसानों ने बताया कि उन्होंने समय पर धान की रोपाई की थी। लेकिन लगातार गर्मी और पानी की कमी से फसल को पर्याप्त सिंचाई नहीं मिल पा रही है। गांव पिंड कराला के किसानों लखविंदर सिंह, जगजीत सिंह और बलवीर सिंह ने सरकार से कई बार पानी की मांग की है। उनका कहना है कि धान की फसल को नियमित पानी चाहिए, पर खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के सरकारी दावे जमीनी स्तर पर गलत साबित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तुरंत नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है।
पानी की कमी से फसल पर संकट
मोहाली जिले के कई क्षेत्रों में धान की फसल पानी की कमी से प्रभावित हो रही है। किसानों ने बताया कि 25 दिनों से नहरी पानी की आपूर्ति बंद है। तेज गर्मी के कारण खेतों में नमी कम हो गई है। इससे धान की रोपाई का काम रुक गया है और खड़ी फसल सूखने लगी है। किसानों ने सरकार और संबंधित विभागों से नहरी पानी की तत्काल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। किसान जगजीत सिंह ने कहा कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई और नहरी पानी की व्यवस्था सुचारू नहीं हुई, तो धान उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्या का समाधान करने की अपील की है। अन्यथा जिले के कई गांवों में धान उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।