मोहाली। कोरोना महामारी में अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं आएगी। अस्पतालों में ऑक्सीजन बिना किसी रुकावट के मुहैया करवाने के लिए जिला मेजिस्ट्रेट-कम-चेयरपर्सन जिला आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (डीडीएमए) गिरीश दियालन ने नए आदेश जारी किए हैं। इसके बाद उद्योगों और औद्योगिक इकाइयों के पास उपलब्ध सभी ऑक्सीजन सिलिंडरों का इस्तेमाल डॉक्टरी सहायता के लिए होगा। इस संबंधी लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक सभी इकाइयों से ऑक्सीजन सिलिंडर एकत्रित किए जाएंगे और सभी इकाइयों को सिलिंडर की रसीद देकर इसकी जानकारी एकत्रित की जाएगी। बाद में जरूरत के हिसाब से अस्पतालों को यह अलॉट कर दिए जाएंगे। वहीं, बाद में जब इनकी जरूरत नहीं रहेगी तो दोबारा औद्योगिक इकाइयों को वापस कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही तय किया गया है कि जिला नोडल अधिकारी/ सिविल सर्जन की मंजूरी के बिना निजी व्यक्तियों या फर्मों के अधीन आने वाले ऑक्सीजन सिलिंडर एयर सैप्रेशन इकाइयों (एएसयू)/ऑक्सीजन सप्लायर द्वारा नहीं भरे जाएंगे। एएसयू और ऑक्सीजन सप्लाई के प्रबंधक/मालिक इस प्रकिया को यकीनी बनाने के लिए निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे। किसी भी प्रकार का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और भारतीय दंडावली नियम, 1860 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि जिले में कोविड-19 मामलों में तेजी से वृद्धि होने के कारण और दूसरे राज्यों से मरीजों के आने की वजह से अस्पतालों के 90 प्रतिशत बिस्तर इस्तेमाल करने के लिए मरीजों के प्रबंधन के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की उपयुक्त और निर्विघ्न सप्लाई की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।