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Mohali News: ऑनलाइन ऑर्डर किया मोबाइल, भेजा खाली डिब्बा, अब देना जुर्माना

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मोबाइल की रकम व मानसिक पीड़ा के साथ-साथ मुकदमेबाजी का 20 हजार खर्च देने के भी निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी

मोहाली। 71 हजार 900 रुपये लेकर उपभोक्ता को मोबाइल की जगह खाली डिब्बा डिलीवर करने के मामले में जीयो मार्ट व रिलायंस रिटेल लिमिटेड को जुर्माना लगाया गया है। यह मामला उपभोक्ता अदालत में विचाराधीन था, जिस पर सुनवाई करते हुए उपभोक्ता अदालत ने कंपनी पर जुर्माना लगाया है।

उपभोक्ता विभाग ने सुनवाई करते हुए कहा कि संपूर्ण तथ्यों को ध्यान में रख और मामले की परिस्थितियों पर विचार करते हुए कंपनी को दो दिन में शिकायतकर्ता को फोन की कीमत 71900 रुपये वापस करने के निर्देश दिए हैं। वहीं उपभोक्ता अदालत ने कंपनी को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के मुआवजे के साथ-साथ मुकदमेबाजी के 20 हजार रुपये भी देने के निर्देश किए हैं। अदालत ने निर्देश दिए कि अगर तत्काल निर्देशों को न माना तो कंपनी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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खरड़ के स्वराज एनक्लेव सेक्टर-4 के रहने वाले बजरंग ने उपभोक्ता अदालत में 4 जून 2022 को शिकायत दी थी। शिकायत में बजरंग ने आरोप लगाया था कि 27 अप्रैल 2022 को उसने ऑफिशियल वेबसाइट आईसीटी के माध्यम से जोहट से 71 हजार 900 रुपये का मोबाइल ऑर्डर किया था, जिसकी डिलीवरी घर पर होनी थी। शिकायतकर्ता बजरंग ने बताया कि डिलीवरी की तारीख 31 अप्रैल 2022 थी। हालांकि ऑर्डर की डिलीवरी की तारीख कंपनी ने बदलकर 1 मई 2022 कर दी थी। कंपनी ने कहा कि ऑर्डर में 48 घंटे लगेंगे। 2 मई 2022 को डिलीवरी बॉय ऑर्डर लेकर आया। उसने ऑर्डर लिया तो वह काफी हलका लगा। उसने डिलीवरी बॉय से पूछा कि इसका वजन बहुत हलका है और डिलीवरी बॉय ने उसे बताया कि वह इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकता। डिलीवरी बॉय से ऑर्डर लेने उपरांत उन्होंने ऑर्डर को खोला और साथ में उसकी वीडियो बनाई। जब बॉक्स खोला तो वह खाली था और उसमें कोई मोबाइल फोन मौजूद नहीं था। शिकायतकर्ता ने तुरंत इसकी सूचना कस्टमर केयर पर की। उन्होंने कहा कि खाली डिब्बा उनके कार्यकारी अधिकारी द्वारा उठाया जाएगा और उन्हें नया मोबाइल फोन ऑर्डर कर दिया जाएगा। हालांकि शिकायतकर्ता को मोबाइल प्राप्त नहीं हुआ। शिकायतकर्ता ने कंपनी को 04 जून 2022 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन कंपनी ने नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता अदालत में कंपनी के खिलाफ याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कंपनी को जुर्माना किया है।
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