मोहाली। पंजाब सरकार की ओर से अवैध कॉलोनियों के प्लॉटों और मकानों की रजिस्ट्रियों पर लगाई गई रोक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे आम आदमी घर बचाओ मोर्चा पंजाब की गांव जुझार नगर में बैठक हुई। इसमें बड़माजरा, जुझार नगर, बहलोलपुर, झामपुर और बलौंगी के निवासी शामिल हुए। इस दौरान सरकार की कार्रवाई का विरोध करते हुए पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट 1952 को रद्द करने की मांग की गई।
मोर्चा के संयोजक हरमिंदर सिंह मावी ने कहा कि सरकार खुलेआम जनता के साथ गलत कर रही है। वहीं, जुझार नगर गांव करीब 30 से 35 साल पहले बसा था और सरकार ने यहां करोड़ों रुपये की ग्रांट भी खर्च की है। इसी तरह गांव बलौंगी, बहलोलपुर, झामपुर के पास भी हजारों की संख्या में मकान बनाकर कई सालों से रह रहे हैं। वहीं, अब सरकार ने लोगों के प्लाटों और मकानों की रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी है। इसी तरह पंजाब में एक कनाल से कम जमीन की रजिस्ट्रियां बंद कर दी गई हैं और बिजली कनेक्शन भी बंद कर दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले से पंजाब के 1.90 करोड़ लोग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐसी 20,000 कॉलोनियां बनी हैं और 12581 गांव हैं।
इस मौके पर मनजीत राणा (सरपंच बहलोलपुर), गुरप्रीत सिंह ढीढसा (सरपंच जुझार नगर), राजकुमार पूर्व सरपंच, मुख्तियार सिंह, नाहारो देवी, बिमला देवी, दर्शन कुमार, अमरजीत सिंह मोनी, हरजीत सिंह (सभी पंच), सुखदीप सिंह सरपंच झामपुर और मुहम्मद सलीम खान के साथ अन्य लोगों भी मौजूद थे।