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खरड़ अस्पताल की ओपीडी बंद.. कहां करवाएं इलाज

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ओपीडी बंद होने के बाद लौटे मरीज। -संवाद - फोटो : MOHALI
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खरड़। जिला मोहाली के उप मंडल खरड़ का सरकारी अस्पताल खुद ही कोरोना की चपेट में आ गया है। शुक्रवार सुबह अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की पर्ची बनाने वाली महिला कर्मचारी की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। इसके बाद ओपीडी को बंद कर दिया गया और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का ही चेकअप किया गया।
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एसएमओ डॉ. तरसेम सिंह के निर्देश पर अस्पताल के ओपीडी विभाग में आए सैकड़ों मरीजों को तुरंत अस्पताल परिसर से बाहर निकाला गया। देखते ही देखते पूरा अस्पताल खाली हो गया। अस्पताल के दूसरे विभाग इमरजेंसी तथा दाखिल मरीजों के परिवार वालों को चिंता होने लगी कि वह अस्पताल में दाखिल अपने मरीजों को ऐसी स्थिति में कहां लेकर जाएं। क्योंकि चंडीगढ़ पीजीआई, सेक्टर-16 अस्पताल तथा सेक्टर-32 अस्पतालों की स्थिति पहले ही बेहद नाजुक बनी हुई है। बता दें कि पॉजिटिव आई कर्मी को अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
अस्पताल आने वालों पर पाबंदी
खरड़ अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरसेम सिंह ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी खाली करवाने के बाद अस्पताल का मुख्य गेट बंद करवा दिया गया। बाहर पुलिस कर्मचारी तैनात करके अस्पताल में आने वाले सभी लोगों पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को खरड़ अस्पताल से 90 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें से 45 अस्पताल स्टाफ के कर्मचारी हैं जबकि 45 अन्य लोग हैं। इन सभी सैंपलों की रिपोर्ट देर रात तक या शनिवार सुबह तक आने की संभावना है। अगर कल आने वाली रिपोर्ट में अस्पताल के कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई तो ऐसी स्थिति में ओपीडी चलाना बेहद जोखिम भरा होगा।
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20 मरीज दाखिल, नहीं दी किसी को छुट्टी
डॉ. तरसेम सिंह ने बताया कि इस स्थिति में शनिवार को बेहद गंभीर रूप से बीमार मरीजों को स्क्रीनिंग के बाद अस्पताल में आने दिया जाएगा। इमरजेंसी में ही ऐसे मरीजों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि खरड़ सरकारी अस्पताल से 100 से अधिक गांव स्वास्थ्य की दृष्टि से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा कुराली, नयागांव, मुल्लांपुर, बलौंगी, घडुआं, लांडरा आदि के लोग इमरजेंसी में खरड़ अस्पताल में ही आते हैं। खरड़ अस्पताल की 50 बैड की क्षमता है तथा अभी लगभग 20 मरीज यहां दाखिल हैं। अस्पताल की इमरजेंसी सुविधाएं तथा इनडोर विभाग पहले की तरह ही चल रहा है। किसी भी दाखिल मरीज को न तो छुट्टी दी गई है और न ही उन्हें किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के ओपीडी विभाग को चलाना आने वाली कोरोना की रिपोर्ट्स पर निर्भर करेगा।
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