जीरकपुर। जीरकपुर नगर परिषद के तहतअवैध निर्माण का सिलसिला थम नहीं रहा है। नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। लोगों की ओर से बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते। जब लोगों का दबाव बढ़ता है तो अधिकारी नोटिस जारी कर कदम खींच लेते हैं, जिसके बाद अवैध निर्माण करने वाले नोटिस को फाड़कर कूड़े में फेंक देते हैं। एक ताजा मामला जीरकपुर के गाजीपुर रोड पर बन रही डेढ़ दर्जन अवैध दुकानों का है, जहां जीरकपुर नगर परिषद की ओर से बार-बार रोके जाने के बाद भी निर्माण करने वालों ने काम नहीं रोका और काम पूरा कर लिया। अनिल कुमार, विकास यादव, गुरपाल सिंह, सुमित कुमार, रोहन सिंह, राजेश निरयान, मनोज कुमार, शिवओम, संदीप सिंह व आसपास के लोगों ने बताया कि गाजीपुर पर किसी ने करीब डेढ़ दर्जन दुकानें बना ली हैं। सब्जी मंडी बनाने के लिए सड़क का निर्माण लोहे की चादरें डालकर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निर्माणकर्ता अवैध दुकानें बनाकर पंजाब सरकार से नक्शा पास न कराकर लाखों रुपये बर्बाद कर रहा है। इसके अलावा उसने शनिवार और रविवार को छुट्टी वाले दिन अपना निर्माण कार्य पूरा किया, ताकि कोई कार्रवाई न हो सके। लोगों ने विरोध जताते हुए कहा कि निर्माण से पहले उन्होंने शिकायत नगर परिषद के अधिकारियों से की थी, लेकिन नगर परिषद द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर निर्माणकर्ता ने अपना निर्माण पूरा कर लिया। अब जब निर्माणकर्ता का अवैध निर्माण पूरा हो चुका है तो नगर परिषद ने खानापूर्ति के लिए वहां नोटिस चस्पा दिया। इस नोटिस को भी निर्माणकर्ता ने फाड़ दिया और कार्य जारी है। आरोप है कि जब उन्होंने दोबारा नगर परिषद से शिकायत की और अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। जब नगर परिषद कार्यालय पहुंचे तो कार्यालय में अधिकारियों की कुर्सियां खाली मिलीं।
नगर परिषद के अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया
जीरकपुर नगर परिषद की सीमा में हो रहे अवैध निर्माण के बारे में जब नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अशोक पठारिया से संपर्क किया तो फोन का जवाब नहीं दिया, जबकि एसडीओ सुखविंदर सिंह ने जानकारी लेने के बाद जवाब नहीं दिया, जबकि संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर सरबजीत सिंह ने मीटिंग में होने का बहाना बनाकर 10 मिनट बाद फोन करने की बात कहकर जवाब नहीं दिया। शहरवासियों का कहना है कि जब जीरकपुर नगर परिषद कार्यालय में कोई अधिकारी मौजूद नहीं था तो इंस्पेक्टर साहब किसके साथ बैठक में मौजूद थे।
कोट्स
हम अकेले नहीं हैं, जो इस तरह निर्माण करावा रहे हैं। हमारे आसपास भी ऐसे निर्माण हुए हैं। नगर परिषद ने नोटिस चिपकाया था, जिसे हमने नहीं फाड़ा है, कल रात हुई बारिश के कारण नोटिस अपने आप ही फट गया होगा। जीरकपुर नगर परिषद के नोटिस का जवाब नियमानुसार दिया जाएगा। - सुखदीप सिंह, निर्माण करने वाले।