मोहाली। निवेश योजना के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने के दो आरोपियों को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया है। थाना फेज-1 पुलिस दोनों आरोपियों को चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से प्रोटेक्शन वारंट पर लाई है। दोनों आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं और मोहाली में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में करीब दो साल से फरार चल रहे थे।
हरियाणा के जिला कैथल निवासी दिलबाग सिंह व जींद केे रहने वाले अनिल कुमार मोर के खिलाफ थाना फेज-1 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पुलिस इस मामले में विक्रम मोर को हिरासत में ले चुकी है। उसे निवेशकों ने ही पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था, जबकि दिलबाग सिंह व अनिल मोर फरार थे।
राजपुरा निवासी लखवीर सिंह ने एसएसपी को धोखाधड़ी की शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि अमेजिंग कैपिटल एलाइंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंधकों ने द अमेजिंग गो बैक कैब नाम से निवेश योजना बाजार में उतारी थी। इसके तहत हर निवेशक से 65,000 रुपये लिए गए। इसके एवज में हर निवेशक को एक साल तक प्रति माह 10,530 रुपये देने का वादा किया गया था। निवेशकों से यह रकम कंपनी के खाते में जमा करवाई जाती थी। लखवीर सिंह ने बताया कि एक माह से पैसे नहीं दिए गए थे।
कंपनी ने पहले 20 मार्च, फिर 25 और इसके बाद 5 अप्रैल 2019 को पैसे देने का वादा किया था। पैसे न मिलने पर जब निवेशक कंपनी के दफ्तर पहुंचे तो सीएमडी अनिल मोर व दिलबाग सिंह सहित अन्य प्रबंधकों ने वहां से भागने की कोशिश की। इस दौरान निवेशकों ने विक्रम मोर को पकड़ लिया था। दिलबाग सिंह, अनिल कुमार मोर व अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420 व 120बी के तहत मामला दर्ज किया था।