मोहाली। पंजाब में विदेश से संचालित हो रहे गैंगस्टर नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लांच किए ऑफ-ट्रैक (ओवरसिज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग ईएंड क्लूसिव सेल ) के तहत एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 61 गैंगस्टरों की सूची तैयार की है, जिन्हें अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रैक किया जाएगा। एजीटीएफ मैंबर एवं एसपी विक्रम बराड़ ने बताया कि पंजाब पुलिस की यह स्पेशल यूनिट विदेश में छिपे अपराधियों की पहचान करने, उनकी गतिविधियों की निगरानी और भारत में उनके नेटवर्क पर कार्रवाई करने के लिए बनाई गई है।
इस सेल का नेतृत्व आशीष चौधरी कर रहे हैं, जबकि वह खुद भी इसकी टीम का हिस्सा हैं। अब तक केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से 1500 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चार वर्षों में करीब 24 रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) और 8 ब्लू कॉर्नर नोटिस (बीसीएम) के जरिए 14 कुख्यात गैंगस्टरों को विदेश से भारत लाया जा चुका है। इन नोटिसों को इंटरपोल के माध्यम से जारी किया जाता है। ऑफ ट्रैक लांच होने के बाद हाल ही में गैंगस्टर अमृत ढल जिसे मोलडोला यूरोपियन से आरसीएन के माध्यम से पकड़कर भारत लाया गया और गैंगस्टर आशीष चोपड़ा निवासी फिरोजपुर को विदेश से भारत डिपोर्ट करवाया गया है। संवाद
ऐसे काम करता है ऑफ-ट्रैक सेल
ऑफ-ट्रैक सेल आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से काम करता है। इसके तहत विदेशों में छिपे गैंगस्टरों की लोकेशन ट्रैक की जाती है। उनके मूवमेंट पर नजर रखी जाती है। डिजिटल और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए सोशल मीडिया, इंटरनेट कॉल और वीओआईपी गतिविधियों की निगरानी की जाती है। इसके अलावा हवाला, क्रिप्टो और बैंकिंग चैनलों के जरिए होने वाले लेन-देन की जांच कर मनी ट्रेल पकड़ी जाती है, जिससे गैंग के फाइनेंशियल नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल
इस अभियान में केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जाता है। जरूरत पड़ने पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जाती है। पंजाब में मौजूद गैंगस्टरों के सहयोगियों पर लगातार रेड की जा रही है। हथियार और ड्रग्स सप्लाई चेन पर भी सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, आज कई गैंगस्टर कनाडा, यूके और दुबई जैसे देशों में बैठकर पंजाब में रंगदारी, टारगेट किलिंग और ड्रग्स का नेटवर्क चला रहे हैं। इनमें लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, जग्गू भगवानपुरिया, दविंदर बंबीहा ग्रुप और सुखा दुनेके जैसे नाम शामिल हैं। इनके नेटवर्क विदेश से संचालित होते हैं। इस यूनिट का उद्देश्य सिर्फ गैंगस्टरों को पकड़ना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करना है। ऑफ-ट्रैक सेल के जरिए युवाओं को अपराध के जाल में फंसने से रोकने और राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में यह अहम पहल मानी जा रही है।