फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali: मोहाली में 3553 एकड़ में बसेगा नया शहर, अधिग्रहण की अधिसूचना जारी; 8 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

Fri, 27 Mar 2026 02:45 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो विशाल शंकर, संवाद, मोहाली

सार

पंजाब सरकार के हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग के प्रिंसिपल सचिव विकास गर्ग ने जारी नोटिफिकेशन के अनुसार एरोट्रोपोलिस एक्सपेंशन प्रोजेक्ट (एरोट्रोपोलिस पॉकेट ई से जे ब्लॉक) के लिए स्याऊ, कुरड़ी, मटरां, बड़ी, किशनपुरा, पत्तों, बाकरपुर और छत्त सहित आठ गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
विज्ञापन
गमाडा दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे किसान - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) दफ्तर के बाहर जहां एक तरफ किसान जमीन अधिग्रहण के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर छुट्टी वाले दिन 26 मार्च को एरोट्रोपोलिस एक्सपेंशन के लिए करीब 3553 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। इससे किसानों में भारी नाराजगी है। 
विज्ञापन


3553 एकड़ जमीन अधिग्रहण कर नया शहर बसाने की तैयारी है। पंजाब सरकार के हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग के प्रिंसिपल सचिव विकास गर्ग ने जारी नोटिफिकेशन के अनुसार एरोट्रोपोलिस एक्सपेंशन प्रोजेक्ट (एरोट्रोपोलिस पॉकेट ई से जे ब्लॉक) के लिए स्याऊ, कुरड़ी, मटरां, बड़ी, किशनपुरा, पत्तों, बाकरपुर और छत्त सहित आठ गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। यह प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता अधिनियम, 2013 के तहत की जा रही है।

सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए पहले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना ने तैयार की थी। नोटिफिकेशन में बताया गया है कि प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना भी तैयार की गई है। इसे 6 मार्च 2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रभावित परिवारों को 5 लाख रुपये एकमुश्त राशि या एन्युटी का विकल्प दिया जाएगा। जिन परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी उन्हें 50 हजार रुपये का पुनर्वास भत्ता मिलेगा। 
विज्ञापन


सरकार ने अधिसूचना के तहत 30 दिन के भीतर प्रभावित लोगों से आपत्तियां और मुआवजे के दावे मांगे हैं। योजना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गांव की फिरनी के साथ बने मकानों को अधिग्रहण से बाहर रखा जाएगा, जबकि खेतों में बने रिहायशी मकानों को विकसित सेक्टरों में प्लॉट दिए जाएंगे। मजदूरों की आजीविका के नुकसान की भरपाई भी कानून के तहत की जाएगी।

इन गांवों की जमीन होगी एक्वायर

गांव स्याऊ 406 एकड़
कुरड़ी 1397 एकड़
मटरां 60 एकड़
बड़ी 385 एकड़
पत्तों 417 एकड़
बाकरपुर 52 एकड़
किशनपुरा जीरकपुर 765 एकड़
छत्त जीरकपुर 77 एकड़

भूख हड़ताल पर बैठे किसानों ने बनाई रणनीति

जमीन अधिग्रहण के विरोध में चल रही किसानों की भूख हड़ताल अब और तेज होती नजर आ रही है। ताजा घटनाक्रम में किसानों ने सरकार के खिलाफ अपनी अगली रणनीति तैयार कर ली है। भूख हड़ताल पर बैठे किसानों में गुरप्रताप सिंह बड़ी, अमरीक सिंह बड़ी, जगरूप सिंह कुरड़ी, गुरभेज सिंह कुरड़ी, हरमिंदर सिंह पत्तों और मक्खन सिंह गीगेमाजरा प्रमुख रूप से शामिल हैं। 

इन किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा हाल ही में 3553 एकड़ जमीन अधिग्रहण की नोटिफिकेशन जारी करना उनके संघर्ष को नजरअंदाज करने जैसा है। किसानों ने आरोप लगाया कि जब वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जमीन बचाने के लिए भूख हड़ताल कर रहे हैं, उसी दौरान छुट्टी वाले दिन नोटिफिकेशन जारी करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। किसानों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें