मोहाली। आस्ट्रेलिया में रहने वाले एनआरआई युवक नमन सरना ने अपने सगे भाई और भाभी पर अपनी मां की हत्या का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि उसके भाई नितिन सरना और भाभी ने प्रॉपर्टी के लालच में उसकी मां शकुंतला की हत्या कर दी और उसके बिना ही मां का अंतिम संस्कार भी कर दिया। जबकि उसने अपने भाई को उसका इंतजार करने के लिए कहा था। नमन सरना ने इस मामले में एसएसपी मोहाली को शिकायत दी है। डीएसपी रैंक के अधिकारी को मामले की जांच सौंपी गई है।
नमन ने कहा कि मां शकुंतला इस साल 10 मई से 19 जुलाई तक 10 सप्ताह के लिए उससे मिलने ऑस्ट्रेलिया आई थी और उनका स्वास्थ्य अच्छा था। वापस भाई के पास आकर मां की अचानक मौत के बारे में पता चलते ही वह स्तब्ध रह गया, जबकि मां को कोई बीमारी नहीं थी। 19 जुलाई को मां ऑस्ट्रेलिया से नयागांव के विकास नगर में घर आई थी। 20 जुलाई को दोपहर करीब सवा 1 बजे उसकी मां घर पहुंच गई थी। 21 जुलाई को भाई नितिन सरना का 8 बजे (आईएसटी) फोन आया कि मां का निधन हो गया है। उसने भाई से कहा कि वह अंतिम संस्कार न करे और उसका आने का इंतजार करे। वह अगली फ्लाइट से इंडिया के लिए रवाना हो गया। नमन ने दोस्त अमर सिद्धू, पुनीत कुमार व ससुराल वालों को सूचित किया और घर जाकर मामला पता करने को कहा। जब वह घर पहुंचे तो भाई नितिन सरना मां का शव सेक्टर-25 चंडीगढ़ के श्मशान घाट ले गया था। दोस्त वहां पहुंचे और नितिन से कहा कि वह भाई का इंतजार करे। लेकिन नितिन ने झूठ कहा कि मैंने भाई से बात की है और वह आने में असमर्थ है। जब नमन पता चला तो उसने दोस्त अमर सिद्धू को एक वीडियो कॉल की और नितिन कहा कि जब तक वह भारत नहीं आ जाता अंतिम संस्कार न करे। इसके बाद मां का शव सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया।
नमन ने भाई से कहा कि 23 जुलाई दोपहर तक भारत पहुंच जाएगा और इसके बाद संस्कार करेंगे, लेकिन नितिन ने 23 जुलाई को सुबह मोर्चरी से शव लाकर मां का दाह संस्कार कर दिया। नमन का आरोप है कि मां ने दो साल पहले उसके पक्ष में वसीयत की थी और यह बात नितिन को जनवरी 2024 में पता चली। मां और नितिन व उसकी भाभी के बीच संबंध 2013 से अच्छे नहीं थे। वे अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए मां को लगातार परेशान कर रहे थे। नमन ने कहा की मां की मौत संदिग्ध है जिसकी जांच होनी चाहिए। उसका आरोप है कि नितिन सरना, उनकी पत्नी रोजी सरना, उनके ससुर, सास, मामा और मामी उसकी मां की हत्या में शामिल हैं। न मां को अस्पताल ले गए और न कोई एंबुलेंस बुलाई थी। इससे जाहिर है कि मां की हत्या की गई है।