मोहाली। वीआईपी शहर में करवाए जाने वाले विकास कार्यों में अब पैैसे की दिक्कत नहीं आएगी। एक तरफ जहां भविष्य में नगर निगम की ओर से जो भी विकास कार्य करवाए जाएंगे, उनमें से 25 फीसदी का भुगतान हर साल गमाडा करेगा। इस संबंधी मुख्यमंत्री की उपस्थिति में दोनों पक्षों में सहमति बन गई है। इसी तरह बिजली विभाग से चुंगी के रूप में जो 30 करोड़ रुपये निगम ने लेने थे। उसकी पांच करोड़ की पहली किस्त भी नगर निगम के खाते में आ गई। जबकि अन्य रकम की राशि हर महीने आएगी। नगर निगम ऑफिस पहुंचे सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने यह जानकारी मीडिया को एक प्रेस कांफ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि मोहाली को मॉडल शहर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
इस मौके पर मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल, डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी और निगम कमिश्नर डॉ. कमल कुमार गर्ग मौजूद थे।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम को अपने एरिया में विकास कार्यों को करवाते समय फंड की काफी दिक्कत आती थी। इतना ही नहीं कई बार तो इस चक्कर में निकाय विभाग की ओर से विकास कार्यों पर रोक लगा दी जाती है। ऐसी दिक्कत नगर निगम चुनाव से पहले आई थी। काफी समय तक इस चक्कर में इलाके का विकास प्रभावित हुआ था। यह मामला नगर निगम चुनाव में मुद्दा तक बना था। इसी बीच अब नगर निगम पर कांग्रेस का कब्जा है। राज्य में कांग्रेस की सरकार है। साथ ही अगर अब विकास कार्यों रुकते हैं तो इसका खामियाजा भी कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा। इस चीज को गहराई से समझते हुए सेहत मंत्री ने इस मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया। उन्होंने निगम की सभी स्थिति उनके सामने रखी। साथ ही साफ किया निगम की आमदन कम, जबकि निगम के पास खर्चे भी अधिक है। ऐसे में गमाडा से मदद मिल तो जाए तो विकास की राह आसान हो जाएगी। जिसके बाद सीएम की अगुवाई में इस संबंधी फैसला लिया गया कि हर साल होने वाले विकास कार्यों के 25 फीसदी गमाडा द्वारा चुकाया जाएगा। इसके अलावा मेंटेनेंस के कामों के लिए गमाडा की ओर से 50 करोड़ रुपये अलग से गमाडा को दिए जाएंगे।
पावरकॉम तीन साल से दबाए बैठा था 30 करोड़ रुपये
जानकारी के मुताबिक पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) मोहाली नगर निगम के 30 करोड़ रुपये दबाए बैठा है। जून में जब निगम के ध्यान में यह बात आई तो मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने पीएसपीसीएल के एमडी ए वेणु प्रसाद को पत्र लिखकर नगर निगम को यह रकम देने कि लिए कहा है। मेयर ने पत्र में लिखा है कि पंजाब सरकार के नोटिफिकेशन अनुसार पंजाब की समूह नगर निगमों के एरिया में खपत होने वाली बिजली की रकम पर दो प्रतिशत म्यूनिसिपल टैक्स लगाया गया है। जिसकी वसूली बिजली बिलों से बिजली विभाग ने की है। मेयर ने कहा कि यह रकम बिजली विभाग ने नगर निगम को अदा करनी है, जो 2017 से ही पेंडिग है। इसमें से सिर्फ लगभग तीन करोड़ रुपये ही बिजली विभाग ने नगर निगम को अदा किए हैं। मौजूदा समय तक यह रकम 30 करोड़ बनती हैं। साथ ही इस रकम की तुरंत अदायगी की जाए। जिसके बाद इस संबंध में मीटिंग हुई। जिसमें उन्होंने पैसे की अदायगी की सहमति जता दी थी।
नगर निगम में नए इलाके शामिल करने पर मंत्री की दलील
सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि मोहाली शहर के बाहरी हिस्सों में काफी स्लम एरिया और कॉलोनियां बस गई थी। नए एरिया के शामिल होने से उस इलाके का एक सामान विकास होगा। इतना ही नहीं वहां के लोगों को बढ़िया सुविधाएं मिलेंगी। इलाके का संपर्क तरीके से विकास होगा। वहीं, निगम को अर्निंग भी होगी। हालांकि विपक्षी दल इस फैसले को गलत बता रहा है। साथ ही इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने का एलान तक कर चुका है।