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अब नगर परिषद के पास रहेगी सामुदायिक केंद्रों को चलाने की ‘चाबी’

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जीरकपुर। शहर के अलग-अलग हिस्सों में बने सामुदायिक केंद्रों में विवाह आदि कार्यक्रम और समारोह करने के लिए लोगों को नगर परिषद के पास आवेदन कर इनकी चाबी लेनी होगी। वहीं, अभी तक इन केंद्रों की देखरेख का काम समाजसेवी संस्थाओं के पास था, लेकिन पिछले लंबे समय से रिहायशी इलाकों के अंदर स्थित सरकारी सामुदायिक केंद्रों में होने वाले आयोजनों को लेकर मिल रही शिकायतों को देखते हुए अधिकारियों ने यह फैसला लिया है।
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जानकारी के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन की ओर से मध्य वर्ग से जुड़े लोगों की आमदनी को देखते हुए शहर के अलग-अलग हिस्सों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण किया गया है। इनका इस्तेमाल गरीब वर्ग से जुड़े लोग अपनों की शादी, जन्मदिन आदि जैसे कार्यक्रमों के लिए करते हैं। दूसरी ओर, सामुदायिक केंद्रों की देखरेख का काम नगर परिषद की ओर से इनके आसपास की समाजसेवी संस्थाओं को दिया हुआ है। वहीं, इन संस्थाओं के सदस्यों की ओर से यहां होने वाले कार्यक्रमों के आयोजनों से आने वाली फीस से केंद्र की देखरेख के अलावा साफ-सफाई आदि कार्यों को किया जाता है। देखने में यह भी मिला है कि समाजसेवी संस्थाओं के लोग सामुदायिक केंद्रों में होने वाले कार्यक्रमों के आयोजनों पर दी जाने वाली मंजूरियों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा, इस कारण रिहायशी क्षेत्रों के अंदर रहने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ऊंची आवाज में चलता है डीजे
जानकारी के मुताबिक शहर के अलग-अलग हिस्सों में बने सामुदायिक केंद्रों में होने वाले आयोजनों को लेकर नगर परिषद के पास लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इनमें अधिकतर शिकायतें देर रात तक ऊंची आवाज में बजने वाले डीजे की हैं। रिहायशी इलाकों में स्थित सामुदायिक केंद्रों के अंदर होने वाले आयोजन में नियमों का पालन न करके देर रात तक डीजे की आवाज गूंजती रहती है, इस कारण सामुदायिक केंद्र के आसपास रहने वाले लोगों की नींद खराब होती है। बीते दिनों बलटाना के सैनी विहार-2 कॉलोनी के अंदर स्थित सामुदायिक केंद्र में एक शादी को लेकर आयोजित कार्यक्रम के दौरान देर रात 12 बजे तक ऊंची आवाज में डीजे पर गीत चलते रहे। जिससे परेशान होकर कॉलोनी वासियों ने इसे बंद करवाने की कोशिश की तो लोगों के बीच कहासुनी हो गई। यह मामला पुलिस चौकी में अधिकारियों के पास भी पहुंच गया था।
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अधिकारियों की बैठक में लिया फैसला :
जानकारी के मुताबिक सामुदायिक केंद्रों को लेकर शहरवासियों की ओर से मिलने वाली शिकायतों के मद्देनजर बीते दिनों नगर परिषद के ईओ संदीप तिवारी के नेतृत्व में बिल्डिंग और इंजीनियरिंग ब्रान्च के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। वहीं, बैठक के दौरान सामुदायिक केंद्रों को लेकर मामला जोरशोर से गर्माया, जिसके बाद नगर परिषद के ईओ संदीप तिवारी ने शहर के अंदर स्थित सामुदायिक केंद्रों का जिम्मा समाजसेवी संस्थाओं से लेकर अपने अधीन करने के आदेश पारित कर दिए। दूसरी ओर, अधिकारियों को शहर के सभी सामुदायिक केंद्रों का खाका तैयार करके इसकी रिपोर्ट एक हफ्ते में सौंपने का आदेश दिया है।
रिहायशी इलाकों में बने सामुदायिक केंद्रों में होने वाले आयोजनों को लेकर मिल रहीं लोगों की शिकायतों के बाद कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को इसका खाका तैयार करने के लिए कहा गया है। जबकि सामुदायिक केंद्रों की चाबी नगर परिषद अब अपने पास रखेगी, जिससे बलटाना के सैनी विहार-2 के जैसी घटना दोबारा न हो।
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-संदीप तिवारी, ईओ, जीरकपुर नगर परिषद।े
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