मोहाली। चंडीगढ़ के कारोबारी राजा नरूला की ओर से पूर्व मंत्री जगमोहन सिंह कंग पर आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने उनके फार्म हाउस पर कब्जा कर रखा है। इस संबंधी कारोबारी ने एसएसपी और मुल्लांपुर थाने में शिकायत दी थी। जबकि कंग ने भी इस संबंध में पुलिस और रेवेन्यू विभाग को शिकायत दी थी।
वहीं, अब इस मामले की जांच तेज हो गई। एसडीएम खरड़ ने बिजनेसमैन नरूला और जगमोहन सिंह कंग दोनों को सीआरपीसी 145 के तहत जमीन की मलकीयत साबित करने के आदेश दिए हैं। जिससे इस मामले की सच्चाई को सामने लाया जा सके।
मिली जानकारी के मुुताबिक कुछ समय पहले चंडीगढ़ के कारोबारी राजा नरूला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि ब्लॉक माजरी के गांव दुलबा खदरी में एक फार्म हाउस है। डेढ़ साल पहले जमीन खरीदी थी। इसके बाद करोड़ों रुपये की लागत से फार्म हाउस बनाया था। जबकि बीती 25 जुलाई की रात को मंत्री कंग ने फार्म हाउस पर कब्जा कर लिया था। हालांकि कंग ने सभी आरोपों को निराधार बताया था। उनका कहना था कि उन्होंने फार्म हाउस आशीष भोला नाम के व्यक्ति से लोकल प्रॉपर्टी डीलर की मदद से लिया है। 25 जुलाई को वह व्यक्ति विदेश जा रहा था। ऐसे में जाते हुए फार्म हाउस की चाबियां प्रॉपर्टी डीलर के पास दे गया था। इसके साथ ही उसे कह गया था कि चाबियां कंग को दे दे। जब वापस आऊंगा तो रजिस्ट्री करवा देंगे। कंग का कहना था कि उन्होंने कोई ठगी नहीं की है। कोई ताला नहीं तोड़ा है, बल्कि चाबी से ताले खोलकर फार्म हाउस में दाखिल हुए थे। उनके पास इस संबंधी सभी सीसीटीवी फुटेज हैं। उन्होंने कहा कि आशीष भोला और कारोबारी के व्यक्ति ने धोखा दिया है। उन्होंने इस संबंधी पुलिस और रेवेन्यू विभाग को शिकायत दी है।