मोहाली। वीआईपी सिटी में 29 एकड़ में रेजिडेंशियल इलाका, 14 एकड़ में कमर्शियल सेंटर, 11 एकड़ में कई संस्थाएं, आठ एकड़ में शानदार पार्क और 28 एकड़ में सड़कें.... यह है मोहाली सेक्टर-90 की नई योजना। इसमें अपना आशियाना बनने के लिए उतावले हैं करीब 700 आवंटी। हों भी क्यों न, आखिरकार यह खास प्राॅपर्टी डेवलप कर रहा है ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथाॅरिटी (गमाडा)। गमाडा ने अब इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट में आने वाली बाधाओं को दूर करना भी शुरू कर दिया है। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए गमाडा ने पीएलपीए के तहत आने वाली भूमि के विभाजन के लिए पंजाब वन विभाग से संपर्क किया है। विभाजित भूमि के उपयोग को गैर-वन उद्देश्य के लिए फिर से परिभाषित करेगा।
गमाडा ने सेक्टर-90 को विकसित करने के लिए लैंड पूलिंग स्कीम के तहत वर्ष 2015 में गांव लखनौर के पास 229 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। छह साल बाद तक भी वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मांगा। हालांकि बाद में पता चला कि अधिग्रहित भूमि में से करीब 23 एकड़ जमीन पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (पीएलपीए) के तहत आती है।
उक्त सभी परियोजनाओं के लिए एलओआई प्राप्त करने वाले 700 से अधिक आवंटियों को अपने प्लॉट पर कब्जे का इंतजार है। गमाडा से मिली जानकारी के मुताबिक पता चला है कि गमाडा ने पीएलपीए के तहत आने वाली जमीन के डायवर्जन के लिए वन विभाग को पत्र लिखा है। इसके साथ ही लेआउट योजनाएं पहले से ही तैयार की जा चुकी हैं। अंतिम मंजूरी के लिए यह योजना, योजना एवं विकास विभाग को भेजी जाएंगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले दो महीनों में सेक्टर 90 में विकास कार्य शुरू कर दिया जाएगा। संवाद
किसानों को मिलेंगे कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्लॉट
इस परियोजना के लिए लैंड पूलिंग के तहत किसानों को उनकी जमीन के बदले कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्लाॅट दिए जाएंगे। इस योजना के मुताबिक गमाडा को शुरुआत में 144 एकड़ जमीन विकसित करनी थी। 100 से 500 वर्ग गज के रेजिडेंशियल प्लाॅट की लेन 29 एकड़ में बनेगी। यहां पर कमर्शियल स्थल 14 एकड़ में विकसित किया जाएगा। इसके साथ 11 एकड़ जगह विभिन्न संस्थानों के लिए निर्धारित कर दी गई है। पहले आठ एकड़ में पार्क विकसित किया जाना था, लेकिन अब पीएलपीए के तहत जमीन मिलने से पार्क के लिए अधिक क्षेत्र आवंटित किया जाएगा। इसके साथ ही यहां पर वाटर वर्क्स दो एकड़ में बनेगा और 28 एकड़ में सड़कें बनेंगी।