मोहाली। पंजाब सरकार की ओर से जहां दुकानें, सरकारी दफ्तर और इंडस्ट्री खोलने की अनुमति दी गई है। वहीं अब प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों ने भी सरकार से स्कूलों में दफ्तरी काम करने की इजाजत मांगी है। जिससे बच्चों के अभिभावक स्कूल की फीस जमा करवा सके और टीचरों व स्टाफ का वेतन दिया जा सके।
इस संबंधी शहर के अलग-अलग स्कूलों के प्रबंधकों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण स्कूलों को सबसे अधिक मार पड़ी है। एक ओर सरकार ने आदेश दिया है कि स्कूल की ओर से लॉकडाउन के दौरान स्कूल फीस न मांगी जाए और दूसरी ओर यह आदेश दिया है कि स्कूलों में काम करते स्टाफ और टीचरों को वेतन दिया जाए। लेकिन यह बात किसी ने नहीं सोची की जब स्कूल में ट्यूशन फीस ही नहीं आएगी तो वेतन कैसे दिया जाएगा।
इसके बाद में शिक्षा मंत्री की तरफ से स्कूलों को राहत देते हुए ऑनलाइन पढ़ाई करवा रहे स्कूलों को फीस लेने की इजाजत दे दी गई है परंतु जिला प्रशासन की तरफ से स्कूलों को दफ्तरी काम-काज के लिए खोलने की इजाजत नहीं देने के कारण यह काम बीच ही रुक गया है। शहर के स्कूलों के ज्यादातर प्रबंधकों द्वारा मांग की जा रही है कि प्रशासन स्कूलों को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक काम करने के लिए खोलने की इजाजत प्रदान करे। स्कूल प्रबंधकों ने कहा है कि हम सभी सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य कोरोना संबंधी मानकों का पूरा ध्यान रखेंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन पढ़ा रहे अध्यापकों को भी स्कूलों से पढ़ाई करवाने की इजाजत दी जानी चाहिए और स्कूल प्रबंधन सभी मानकों का पालन करने को तैयार है।
इस संबंधी डीसी गिरीश दियालन ने कहा कि वह इस बारे में विचार करेंगे और केंद्रीय गृह विभाग की हिदायतों के अनुसार स्कूल खोलने की इजाजत अभी नहीं है और वह इन हिदायतों को अनदेखा नहीं कर सकते।