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अब सिविल अस्पताल में पांच मिनट में आएगी कोरोना पीड़ितों की रिपोर्ट, जिला सिविल अस्पताल में लगाई गई ऑटोमैटिक आईडी नाऊ मशीन

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मोहाली। फेज-6 जिला सिविल अस्पताल में गंभीर हालात में लाए जाने वाले कोरोना के मरीजों के पारिवारिक सदस्यों का भी तुरंत पता चल जाएगा कि वह कोरोना संक्रमित हैं या नहीं। मिशन फतेह-2 के तहत अब अस्पताल में कोविड फास्ट टैस्टिंग (एबट आईडी नाऊ) मशीन लोगों को समर्पित की गई है। इस मशीन में कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट पांच मिनट में और व निगेटिव की रिपोर्ट 15 मिनट में आ जाती है। यह मशीन दिन में 30 टेस्ट करती है। सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने इसे लोगों को समर्पित किया है। सेहत मंत्री ने बताया कि अस्पताल में कई बार कोरोना मरीजों को इतनी गंभीर हालत में लाया जाता है कि उनको लेकर आने वाले लोगों को भी कोरोना होने का खतरा रहता है। ऐसे में यह पोर्टेबल मशीन काफी सहायक सिद्घ होगी। इसको गांवों में लेकर जाना भी आसान है।
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उन्होंने बताया कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन में भी कोरोना टेेस्टिंग के लिए यह मशीन काफी फायदेमंद साबित होगी। सेहतमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से अब तक 48 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। पंजाब सरकार को केंद्र सरकार की तरफ से कोटे के आधार पर वैक्सीन मिलती है। अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से अपने कोटे से अलग वैक्सीन खरीदी जा रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य के लोगों को अप्रूवड वैक्सीन लगाई जा रही है।
सेहत मंत्री ने कहा कि कोरोना के मरीजों से निजी अस्पतालों द्वारा की जा रही लूट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले जहां कोरोना से निपटने के लिए तीन सौ टेस्ट होते थे, अब हजारों टेस्ट किए जा रहे हैं।
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कोरोना बीमारी को गंभीरता से लें, नहीं तो होता है काफी नुकसान
पंजाब सरकार ने कोरोना की पहली लहर का डटकर मुकाबला किया। वहीं, अब भी कोरोना के खिलाफ डटकर लड़ाई लड़ी जा रही है। सेहत मंत्री ने कहा कि कई बार लोगों की तरफ से लापरवाही बरती जाती है। कई लोग कोविड टेस्ट व वैक्सीनेशन तक नहीं करवाते है। इस कारण तुरंत इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। कई बार हालत ज्यादा गंभीर होने पर लोगों की मौत हो जाती है।
साढे़ 6 लाख की मशीन, 98 फीसदी सही आती है रिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक जो टेस्टिंग मशीन अस्पताल में स्थापित की गई है। इसे अमेरिका की एक संस्था पॉथ द्वारा दिया गया है। इसकी कीमत छह लाख रुपये है। यूएस की सरकारी एजेंसी की तरफ से इसे प्रमाणित किया गया है। इसके रिजल्ट की प्रमाणिकता 98 फीसदी है। ऐसी ही मशीन मुंबई एयरपोर्ट पर भी स्थापित की गई है। पंजाब के कई अन्य जिलों में भी ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी। उम्मीद है कि इस मशीन से लोगों को फायदा होगा। वहीं, उन्हें सही-समय पर इलाज मिल पाएगा। सबसे ज्यादा डिलीवरी के केसों, हादसे वाले केसो व गैंगस्टरों आदि पकडने के बाद उनके टेस्ट मेें होगा।
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