मोहाली। शहर में नगर निगम की ओर से करवाए जाने वाले विकास कार्यों में अब गुणवत्ता क्वालिटी के साथ समझौता नहीं होगा। क्योंकि नगर निगम ने इस काम के लिए एक क्वालिटी कंट्रोल एजेंसी हायर करने की योजना बनाई है। जो कि नगर निगम की ओर से करवाए जाने वाले विकास कार्यों में इस्तेमाल होने वाले मैटीरियरल के सैंपल लेगी। इसके बाद उसकी विभिन्न सरकारी लैबों से जांच करवाएगी। इसके बाद लैब से उचित रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम की ओर से काम करने वाले ठेकेदारों या कंपनी को बिल का भुगतान किया जाएगा।
वहीं, अगर किसी जगह तय किए गए मानकों के मुताबिक काम की गुणवत्ता नहीं पाई जाती है, तो ऐसे में ठेकेदार या कंपनी पर शिकंजा भी कसा जा सकता है। इसकी पुष्टि करते हुए डिप्टी मेयर कुलजीत बेदी ने बताया कि इससे पूरे इलाके को फायदा होगा। वहीं, नगर निगम की ओर से करवाए जाने वाले कामों में गुणवत्ता आएगी।
जानकारी के मुुताबिक नगर निगम की ओर से पूरे शहर में कई तरह के विकास कार्य करवाए जाते हैं। जिसमें सड़कों पर प्रीमिक्स डालना, फुटपाथों का निर्माण करना, पेवर ब्लॉक लगाना, बाजरों का सौंदर्यीकरण करना, स्ट्रीट लाइटें लगाने से लेकर अन्य काम शामिल हैं। इन कामों पर हर साल निगम की ओर से 10-15 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन कई बार यह चीज देखी गई है कि जिस कंपनी को काम दिया होता है, वह उचित गुणवत्ता वाला सामान इस्तेमाल नहीं करती है। यहां तक कि सरकारी प्रोजेक्टों में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है वह सामान भी इस्तेमाल कर लिया जाता है। ऐसा करने से सरकारी पैसे की बर्बादी होती थी। इसी चीज को ध्यान में रखते हुए क्वालिटी कंट्रोल के लिए एजेंसी हायर करने की योजना बनाई गई है।
इस संबंधी जल्दी ही काम शुरू हो जाएगा। यह कंपनी कहीं से भी नगर निगम की तरफ से करवाए जाने वाले कामों के सैंपल लेगी। इसके बाद लैब भेजकर टेेस्ट आदि करवाने की औपचारिकता निभाई जाएगी। बता दें कि हर साल नगर निगम की ओर से करवाए जाने वाले विकास कार्यों पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। यहां तक कि विजिलेंस के पास शिकायत पहुंचने के बाद सैंपल लेने से लेकर अन्य प्रक्रियाएं भी की गई हैं। लेकिन अब जांच एजेंसी हायर करने से ऐसे मामलोें से काफी हद तक राहत मिलेगी।