जीरकपुर। शहर में सफाई व्यवस्था की हालत सुधारने की दिशा में स्थानीय प्रशासन ने बदलाव किया है। इसके तहत सैनिटेशन ब्रांच का जिम्मा अब जेई स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है। यह जानकारी ईओ संदीप तिवाड़ी ने दी। परिषद को उम्मीद है कि अब लोगों को गंदगी से निजात मिल जाएगी।
बता दें कि शहर में सफाई के उचित प्रबंध न होने के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। लोगों का कहना है कि इस संबंधी कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा सैनिटेशन ब्रांच के पास है। इसमें चीफ इंस्पेक्टर, दो फील्ड इंस्पेक्टर एवं अन्य स्टाफ की मदद से सफाई कार्य करवाए जाते हैं। शहर की आबादी को देखते हुए सैनिटेशन ब्रांच ने डोर-टु-डोर कूड़ा उठाकर कलेक्शन केंद्र से डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाने के लिए सैकड़ों कर्मचारियों को काम पर रखा हुआ है। डंपिंग ग्राउंड में कूड़े को डंप करने के लिए मशीनों की मदद ली जाती है।
जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर
सैनिटेशन ब्रांच के पास इतनी बढ़ी संख्या में कर्मचारी व मशीनरी होने के बावजूद शहर में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। आलम यह है कि ढकोली, पीरमुछल्ला, बलटाना, पभात, लोहगढ़ व बिशनपुरा आदि क्षेत्रों में कूड़े के ढेर गलियों के कोनों में आम दिखाई देते हैं। कूड़े से उठने वाली बदबू से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
‘ए’ श्रेणी में शामिल है जीरकपुर नगर परिषद
बता दें कि स्थानीय नगर परिषद को ‘ए’ श्रेणी का दर्जा हासिल है। इसके तहत शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सैनिटेशन ब्रांच को सौंपी गई है। इस शाखा का सारा काम अभी तक चीफ इंस्पेक्टर, फील्ड इंस्पेक्टर के अलावा क्लेरिकल स्टाफ देखता था। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार परिषद में इससे पहले कभी इस काम के लिए जेई स्तर के अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है।
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शहरवासियों की ओर से लगातार मिलने वाली शिकायतों के मद्देनजर सैनिटेशन ब्रांच में बदलाव किया गया है। इसके तहत इंजीनियरिंग ब्रान्च में सिविल कार्य देख रहे जेई राजीव कुमार को सैनिटेशन ब्रान्च का पदभार सौंपा गया है। जल्द इसके सार्थक नतीजे दिखने की उम्मीद है। - संदीप तिवाड़ी, ईओ, नगर परिषद।