मोहाली। कोरोना काल में अपने जिले के बुजुर्गों का ध्यान रखकर उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए जिला पुलिस प्रयासरत है। इसके मद्देनजर अब जिले के बुजुर्गों को किसी भी चीज के लिए दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी। उनकी दवाइयां हों या किसी अन्य चीज की जरूरत, बस उन्हें एक कॉल करनी होगी। इसके बाद पुलिस मुलाजिम उनकी सेवा में हाजिर हो जाएंगे। बुजुर्गों की सेवा के लिए पुलिस हफ्ते के सातों दिन चौबीस घंटे काम करेगी। उनकी सेवा के लिए दो स्पेशल हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। यहां तक कि इसकी पूरी मॉनिटरिंग करने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है।
बुजुर्गों को दवाई या किसी अन्य जरूरत के लिए पुलिस की ओर से शुरू किए गए हेल्पलाइन नंबर 9115516010 और 0172-2219356 पर संपर्क करना होगा। बता दें कि इससे पहले पुलिस सीनियर सिटीजन के घर केक लेकर जाती रही है साथ ही उनका जन्मदिन मना चुुकी है।
एसएसपी सतिंदर सिंह ने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की शान हैं। उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक मोहाली पंजाब का वीआईपी जिला है। यहां पर अधिकतर घरों में बुजुर्ग अकेले ही रहते हैं। क्योंकि बच्चे पढ़ाई या अन्य कामों के चलते विदेशों में सैटल हैं। इसी चीज को ध्यान में रखकर पुलिस की तरफ से यह सेवा शुरू की है। इसके अलावा सभी थानों के एसएचओ को भी कहा है कि वह भी अपने एरिया में अकेले रह रहे बुजुर्गों के लिए काम करें। इसके अलावा बुजुुर्गों के लिए काम कर रही संस्थाओं से भी संपर्क बनाकर रखें। ताकि अपने एरिया के बुजुर्गों के बारे में अच्छे तरीके से जानकारी मिलती रहे। साथ ही पुलिस को लोगों के साथ ऐसा व्यवहार रखने की नसीहत दी गई कि मुसीबत में लोग किसी अन्य से मदद मांगने की बजाय सीधे पुलिस को फोन करें।
टीकाकरण के लिए फोन करते ही मुफ्त में पहुंचेगी कैब
शहर के बुजुर्गों को कोरोना टीकाकरण में दिक्कत न आए। इसके लिए पुलिस ने नई पहल की थी। जिसके तहत पुलिस बुजुर्गों को घर से मुफ्त में पिक एंड ड्रॉप की सुविधा दे रही है। इस दौरान टीका लगवाने का पूरा इंतजाम भी पुलिस करती है। ड्राइव इन यानी की गाड़ी में बैठकर बुजुर्गों का टीकाकरण होता है। इसके लिए डीएसपी गुरइकबाल सिंह को नोडल अधिकारी लगाया गया है। वहीं, बुजुर्गों को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सुबह 10 बजे से 2 बजे तक मोबाइल नंबर 9370600001 पर कॉल करनी होती है और गाड़ी बुजुर्गों के घर आ जाती है। इस दौरान लोगों को अपना आधार कार्ड जेब में रखना पड़ता है, साथ ही मास्क पहनना होता है। अधिकारियों ने बताया कि 6 मई को सुविधा शुरू हुई थी।
कोट्स
टीका लगाने गई टीम को लोगों ने कर दिया इनकार
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र करोरा पर कार्यरत डॉ. रेनू का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम 19 अप्रैल को गांव मसोल में टीकाकरण एवं कोरोना जांच के लिए गई थी। लेकिन ग्रामीणों ने टीकाकरण एवं जांच के लिए मना कर दिया था कि हरियाणा में उनके किसी रिश्तेदार की कोरोना के टीके से मौत हो गई थी। इस कारण हम कोरोना का टीका नहीं लगवाएंगे।