जीरकपुर। नगर परिषद जीरकपुर की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। खुद की तय की गई डेडलाइन बीतने के पांच दिन बाद भी अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं। मामला ढकोली के आवासीय क्षेत्र में चल रहे एक प्ले स्कूल को सील करने का है। उसे लेकर परिषद ने नोटिस तो जारी किए, लेकिन जब कार्रवाई का समय आया तो विभाग बैकफुट पर नजर आ रहा है। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार स्कूल संचालक को चार बार नोटिस थमाया जा चुका है।
ढकोली के हिल व्यू (मकान नंबर-5) में बिना मंजूरी के एक प्ले स्कूल चलाया जा रहा है। नगर परिषद की जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद विभाग ने एक के बाद एक कई नोटिस थमाए। रिकॉर्ड के मुताबिक पहला नोटिस सितंबर 2025 में जारी हुआ। इसके बाद दिसंबर में दो बार पत्र भेजे गए। अंतिम नोटिस में 16 अप्रैल 2026 तक बिल्डिंग खाली करने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया था। इसके अलावा परिषद ने अपने पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर 16 अप्रैल को सुबह 11 बजे तक सामान नहीं निकाला गया, तो बिना सूचना दिए बिल्डिंग को सील कर दिया जाएगा। हैरानी की बात यह है कि आज 21 अप्रैल हो चुकी है, लेकिन मौके पर कोई भी अधिकारी कार्रवाई के लिए नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों में इस ढुलमुल रवैये को लेकर भारी रोष है।
स्थानीय निवासियों प्यारे लाल, मनोज, अनुराधा, रेखा वर्मा, रामधारी, सरदार सुखविंदर, विनीत, अमर सिंह, अशोक, किशन पाराशर, सोनिया चावला, कमल जीत कौर, नरेश भोला व रेखा समेत एमएस एन्कलेव ज्वॉइंट स्ट्रीट सोसाइटी के सभी आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने नगर परिषद पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। इन लोगों का कहना है कि अगर नगर परिषद को कार्रवाई करनी ही नहीं थी, तो नोटिस निकालकर जनता को गुमराह करने का क्या मतलब?