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शर्मा की कंपनी पर नहीं मिली कोई शिकायत : मुख्यमंत्री

Sat, 19 Oct 2013 11:04 PM IST
अमर उजाला, (श्री आनंदपुर साहिब/रोपड़)
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मुख्य संसदीय सचिव एनके शर्मा और पंजाब कांग्रेस के कोषाध्यक्ष सुखपाल सिंह खैहरा के बीच इन दिनों चल रहे धांधली के आरोप-प्रत्यारोप पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि उनकी सरकार के पास एनके शर्मा की कंपनी द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने के बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है।
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मुख्यमंत्री बादल शनिवार को श्री आनंदपुर साहिब की दशमेश अकादमी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने तख्त श्री केशगढ़ साहिब में माथा टेका और सिंह साहिब ज्ञानी मल्ल सिंह ने उन्हें सिरोंपा भेंट किया।  
अकादमी के प्रबंध और स्वीमिंग पूल के निर्माण कार्य का जायजा लाने के बाद मुख्यमंत्री बादल ने पत्रकारों से सवालों के जवाब में कहा कि एनके शर्मा और कांग्रेसी नेता में शब्दों की जंग चल रही है।
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अखबारों में रोज नए मामले सामने आते हैं। कांग्रेसी नेता पर तो स्टांप ड्यूटी चोरी करने के भी आरोप लगे हैं। हालांकि कांग्रेसी नेता ने मामला सामने आने पर पैसे जमा करवा दिए फिर भी गलती तो गलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक उनके पास ऐसी कोई लिखित शिकायत नहीं पहुंची है, जिसके आधार पर वे एनके शर्मा को दोषी ठहरा सकें या कोई कार्रवाई कर सकें।

मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि जहां तक प्रदेश में खनन बंद होने का सवाल है, उसका कारण केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा क्लीयरेंस न देना है। केंद्र सरकार कभी पांच एकड़ की खड्ड की मंजूरी देती है तो कभी दस की और कभी रोक लेती है।

जिसकी जीतने की उम्मीद, उसे ही टिकट
मुख्यमंत्री ने पंजाब में भाजपा के साथ लोकसभा सीटों की अदला बदली के सवाल पर कहा कि यह तो समय आने पर पता लगेगा कि सीटें बदलेगी या नहीं। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी की जीतने की उम्मीद ज्यादा होगी उसे टिकट दी जाएगी।

ये है शर्मा-खैहरा में विवाद
कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष खैहरा और सीपीएस एनके शर्मा के बीच बीते एक पखवाड़े से धांधली के आरोप-प्रत्यारोप लगाने का सिलसिला जारी है। दोनों नेताओं ने 14 अक्तूबर को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में बारी-बारी प्रेस कांफ्रेंस कर एक-दूसर पर गंभीर आरोप लगाए थे। खैहरा का शर्मा पर आरोप है कि गांव गाजीपुर में उनके प्रोजेक्टों को पर्यावरण क्लीयरेंस नहीं मिली थी, इसलिए वहां किया गया निर्माण पूरी तरह अवैध है। ऐसे में बिना क्लीयरेंस फ्लैट निर्माण कर शर्मा ने लोगों को धोखा दिया और लोगों से करोड़ों रुपये इकट्ठे कर लिए।

दूसरी ओर, एनके शर्मा ने खैहरा पर भडौंजिया गांव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा और उनके परिवार द्वारा खरीदी गई 108 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कम पैसे की करवाने का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि वह शामलात जमीन थी और इसमें खैहरा भी हिस्सेदार हैं। 15 अक्तूबर को खैहरा ने राजस्व विभाग की जांच का हवाला देते हुए शर्मा के इस्तीफे की मांग की और खुद पर राजस्व विभाग की बकाया राशि आनन-फानन में ब्याज सहित जमा करा दी।
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