मोहाली। आवास एवं शहरी विकास विभाग पंजाब ने मोहाली समेत पंजाब के उन हजारों अलॉटियों को बड़ी राहत दी है, जो तय समय में अपने प्लॉटों पर निर्माण नहीं कर पाए थे। ऐसे अलॉटियों से ली जाने वाली नॉन कंस्ट्रक्शन फीस (गैर निर्माण शुल्क) अब आधी वसूली जाएगी। इसके अलावा जुर्माना भी प्रतिमाह के हिसाब से लिया जाएगा, जबकि पहले यह प्रक्रिया अर्धवार्षिक थी।
उक्त आदेश रिहायशी, व्यापारिक, इंस्टीट्यूशनल, औद्योगिक, हाउसिंग सोसाइटीज व निजी बिल्डरों पर लागू होंगे। इस फैसले संबंधी पंजाब रीजनल व टाउन प्लानिंग व डेवलपमेंट एक्ट में संशोधन कर दिया गया है। विभाग के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि इस फैसले से लोगों को फायदा होगा।
जानकारी के मुताबिक, विभाग के ध्यान में आया कि अलॉटियों से ली जा रही नॉन कंस्ट्रक्शन फीस बहुत अधिक है। कई अलॉटी जिन्होंने संपत्ति निर्माण करने के उद्देश्य से खरीदी होती है, वह रेट अधिक होने की वजह से निर्माण नहीं कर पाते थे। ऐसे में वह संपत्ति बेचने के लिए मजबूर हो जाते थे। इस फैसले का लाभ उन हजारों अलॉटियों को मिलेगा जो कि सरकार व स्पेशल विकास अथॉरिटीज की तरफ से विकसित शहरी क्षेत्र में तीन साल से अधिक समय में भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पाए हैं। नॉन कंस्ट्रक्शन फीस में कटौती होने से अलॉटियों की तरफ से अपनी बकाया राशि जमा करवाने व निर्माण किए जाने की उम्मीद है। इससे प्रोजेक्ट जल्दी पूरे होंगे।
ऐसे कर पाएंगे भुगतान
विभाग के अधिकारियों के अनुसार जहां तक नॉन कंस्ट्रक्शन फीस की अदायगी की बात है तो इसके लिए नियम बनाया गया है। अलॉटियों की तरफ से यह फीस उस क्षेत्र में अलॉट हुई साइटों की आरक्षित कीमत के हिसाब से अदा की जाएगी। व्यापारिक साइटों से संबंधित केसों में फीस ऑक्शन या अलॉट कीमत के ऊपर लगाई जाएगी। ऐसे मामलों में विलंबित भुगतान पर 7 फीसदी प्रति वर्ष की दर से चक्रवृद्धि ब्याज लगेगा। घटे हुए गैर-निर्माण शुल्क 16 अप्रैल, 2021 से लागू हो गए हैं। इससे पहले की अवधि के लिए पुराने शुल्क लागू होंगे।