प्रॉपर्टी टैक्स न भरने पर औद्योगिक इकाई को सील करते अधिकारी। - संवाद
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मोहाली। कई साल से प्रापर्टी टैक्स नहीं भरने के कारण इंडस्ट्रियल एरिया की चार औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें से तीन औद्योगिक इकाइयों को नगर निगम की टीम ने सील कर दिया, जबकि एक इकाई ने मौके पर सैटलमेंट कर बकाया टैक्स का चेक दे दिया। इसके बाद इस यूनिट को सील नहीं किया गया। हालांकि कोरोना काल के बीच प्रॉपर्टी टैक्स के लिए भेजे गए नोटिस का औद्योगिक इकाइयों ने विरोध किया था।
नगर निगम की टीम ने प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वाले डिफाल्टर लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके मद्देनजर सोमवार को तीन प्रॉपर्टीज को सील किया गया। जबकि एक प्रॉपर्टी मालिक ने मौके पर ही निगम अधिकारियों को बकाया टैक्स का चेक देकर प्रॉपर्टी को सील होने से बचा लिया। निगम के प्रॉपर्टी टैक्स इंस्पेक्टर अवतार सिंह कलसी ने बताया कि इन औद्योगिक इकाइयों के मालिकों ने पिछले कई साल से प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया था। इस कारण यह कार्रवाई की गई है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक टैक्स जमा नहीं करवाने वाली प्रॉपर्टी की निशानदेही कर इन्हें सील करने की कार्रवाई चल रही है।
जानकारी के मुुताबिक नगर निगम की टीम सोमवार को इंस्पेक्टर अवतार सिंह कलसी की अगुवाई में फेज-7 और फेज-8 में पहुंची। इस दौरान चार औद्योगिक इकाइयों को सील करने की कार्रवाई शुरू की गई। इन सभी पर करीब आठ लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इस दौरान जब नगर निगम की टीम फेज-7 के डी-92, डी-99 और सी 148 को सील करने पहुंची। इसके अलावा टीम फेज-8 में एफ 19 को भी प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने के कारण सील करने के लिए गई। इस दौरान निगम की टीम ने बंद फैक्टरी को भी सील कर दिया। इन फैक्टरी मालिकों पर करीब आठ लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। जिस प्रापर्टी मालिक ने मौके पर निगम टीम को बकाया टैक्स का चेक दिया है, उससे चेक लेकर सैटलमेंट करने के लिए मंगलवार को निगम कार्यालय में बुलाया गया है।
अवतार सिंह कलसी ने बताया कि असेसमेंट के बाद प्रॉपर्टी मालिक से बनता टैक्स लिया जाएगा। इसके अलावा अन्य इकाइयों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि नगर निगम ने उन लोगों पर शिकंजा कसा हुआ है, जिन्होंने कई साल से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा है और यह टैक्स लाखों रुपये में बनता है। लेकिन प्रॉपर्टी मालिक नगर निगम के नोटिसों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जिसके बाद अब ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों की प्रॉपर्टी को सील किया जा रहा है। इसके बाद में सील की गई प्रॉपर्टी को नीलाम कर टैक्स की राशि वसूली जाएगी। निगम की ओर से इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है।