नगर निगम की मीटिंग का एजेंडा जारी होने के साथ ही शहर की राजनीति भी गरमा गई है। भले ही मेयर कुलवंत सिंह के अकाली दल में शामिल होने के साथ ही इस बार समीकरण पूरे बदले हुए हैं, लेकिन अकाली-बीजेपी (23 पार्षदों का ग्रुप) उनके लिए सिरदर्द बना हुआ है।
दोनों गुटों के पार्षदों ने कांग्रेसी गुट के सीनियर डिप्टी मेयर रिशव जैन को हटाने की तैयारी की है। इस संबंध में जल्द ही उक्त पार्षद निगम कमिश्नर राजेश धीमान से मुलाकात कर अविश्वास प्रस्ताव लाने संबंधी पत्र सौंपेंगे। इसके बाद निगम कमिश्नर को ही आगे का फैसला लेना है।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम को अकाली-बीजेपी पार्षदों की एक मीटिंग हुई। इसमें सभी पार्षद मौजूद रहे। इस दौरान बीजेपी-अकाली पार्षदों ने एक सुर में सीनियर डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास मत लाने की प्लानिंग की। पार्षदों का दावा था कि अब निगम में उनके दल के 36 पार्षद हैं। ऐसे में सीनियर डिप्टी मेयर अल्पमत में चल रहे हैं।
वहीं, अविश्वास प्रस्ताव लाकर उनको हटाना आसान है। जिक्रयोग है कि विधायक बलबीर सिंह सिद्धू पहले ही प्रेस कांफ्रेंस करके मेयर कुलवंत सिंह के आजाद ग्रुप से अपना समर्थन ले चुके हैं। जबकि मेयर अब अपने आजाद ग्रुप के पार्षदों संग अकाली हो चुके हैं।
फेज-10 को छोड़कर किसी वार्ड का प्रस्ताव नहीं
जानकारी के मुताबिक, 23 सितंबर को 11 बजे होने वाली नगर निगम की मीटिंग का एजेंडा बुधवार को जारी हो गया है। पार्षदों का आरोप है कि फेज-10 को छोड़कर किसी वार्ड के कामों को प्रस्ताव में शामिल नहीं किया गया है। इससे पार्षदों में निराशा है। पार्षद का कहना है कि डेढ़ साल में सिर्फ छह-छह लाख रुपये का काम अब तक हो पाया है।