विधायक सिद्धू ने किया अस्पताल का दौरा
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स्थानीय विधायक और सीनियर डिप्टी मेयर बुधवार को जब अस्पताल जायजा लेने पहुंचे तो वहां की व्यवस्था की पोल खुल गई। यहां इमरजेंसी में आधे डाक्टर मौजूद थे, जबकि वाटर कूलर और सीवरेज सिस्टम बंद मिले।
विधायक ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि सिस्टम को सुधारा जाए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो। विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में डेंगू के रोगियों से मिलने पहुंचे और वहां की व्यवस्था का भी जायजा लिया।
इस मौके पर उन्होंने अस्पताल में आवश्यक संसाधनों की कमी पर हैरानी जताते हुए इसे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया। निरीक्षण के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की संख्या काफी कम है। सिद्धू ने कहा कि अस्पताल में रोजाना करीब 800 से ज्यादा मरीज आते हैं, इस लिहाज से अस्पताल में डॉक्टरों की जो संख्या है, वह पर्याप्त नहीं है।
विधायक ने बताया कि मोहाली का यह सिविल अस्पताल आधे स्टाफ के भरोसे चल चल रहा है, क्योंकि यहां स्वीकृत स्टाफ काफी कम हैं। उन्होंने इमरजेंसी ड्यूटी पर छह डॉक्टरों की क्षमता के मुकाबले केवल तीन डॉक्टरों की मौजूदगी पर भी सवाल उठाया। सिद्धू ने कहा कि अस्पताल की मेडिकल लैब से लेकर इमरजेंसी और पूरे अस्पताल परिसर में बुनियादी सुविधाओं का टोटा है। शहर में डेंगू तेजी से फैल रहा है। अगर सरकारी अस्पताल में सुविधाओं का अभाव रहा तो ऐसे में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे मिलेंगी।
अस्पताल की व्यवस्था का जायजा लेने के दौरान विधायक के सामने बंद पड़े वाटर कूलर और ठप सीवरेज सिस्टम की समस्या भी उजागर हो गई। सिद्धू ने आरोप लगाया कि प्रदेश की गठबंधन सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है। जनता आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। सिद्धू ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे रोगियों और जनता के हित में उपयुक्त कदम उठाएं। विधायक के साथ इस दौरान नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर ऋषभ जैन व अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।