मोहाली। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (नाइपर) फिर से चर्चा में आ गया है। आदेशों की अनदेखी और अनुशासन हीनता के आरोप में नाइपर के डिप्टी रजिस्ट्रार को डायरेक्टर रघु राम ने सस्पेंड कर दिया है। हालांकि डिप्टी रजिस्ट्रार आरोपों को नकार रहे हैं।
नाइपर के डायरेक्टर रघु राम ने सोमवार को आदेश जारी कर संस्थान के डिप्टी रजिस्ट्रार फाइनेंस एंड अकाउंट्स जितेंद्र कुमार चंदेल को आदेशों की अनदेखी के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही अगले आदेशों तक उन्हें नाइपर परिसर छोड़ कर न जाने के आदेश दिए गए हैं। डायरेक्टर ने अपने आदेश में कहा कि चंदेल पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है, जो कंडक्ट रूल्स और सीसीएस रूल्स का उल्लंघन करने व दुर्व्यवहार करने को लेकर है। यह भी पता चला है कि डायरेक्टर ने चंदेल को पावर का मिसयूज करने के आरोप में एक माह पहले चार्जशीट भी किया था। आर्थिक अनियमितताओं और आदेशों का पालन न करने के आरोपों पर चंदेल ने अपना जवाब नहीं दिया था, जिसके बाद डायरेक्टर ने सोमवार को उन्हें सस्पेंड कर दिया।
आरोपों पर डिप्टी रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार चंदेल ने कहा कि उन पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने उल्टा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें इसलिए फंसाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने संस्थान में हो रही कुछ वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया था। चंदेल ने कहा कि उनके द्वारा उजागर की गई वित्तीय अनियमितताओं पर बोर्ड ऑफ गर्वनर्ज द्वारा एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई जा चुकी है।