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Mohali News: खरड़-तेपला हाईवे पर इंटरलाकिंग में बरती जा रही लापरवाही, डीसी को लिखा पत्र

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खरड़। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत सेक्टर-127 खरड़ ने उपायुक्त को पत्र लिखा है। इसमें खरड़-तेपला राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। पंचायत ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। खरड़-तेपला राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य में घटिया सामग्री और खराब टाइलों के इस्तेमाल की शिकायत की गई है। सड़क पर धंसी हुई इंटरलाकिंग टाइलों के कारण खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जिससे जानलेवा हादसों का खतरा है। भारी बारिश में सड़क किनारे बने निकासी नालों में पानी जमा हो जाता है, क्योंकि जल निकासी प्रणाली ठीक से काम नहीं करती। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राज्य प्रमुख कानूनी सलाहकार इंजीनियर बृज मोहन ने यह शिकायत की है। उनके साथ जसविंदर सिंह, दलजीत सिंह, रुचिता शर्मा, राम कुमार, बलविंदर सिंह और सुरिंदर सिंह सैनी भी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय विभाग की अनदेखी के कारण जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है और काम धीमी गति से चल रहा है।
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अच्छी गुणवत्ता की नहीं हैं टाइलें
खरड़ नगर काउंसिल ने खरड़-लांडरां सड़क के खराब हिस्सों की मरम्मत और सुंदरीकरण के लिए लगभग 4.5 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त, भाजपा के राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू और स्थानीय नेताओं के प्रयासों से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 41 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह राशि 30 किलोमीटर लंबे खरड़-तेपला और खरड़-बनूड़ सड़क के नवीनीकरण और ब्लैक स्पॉटों की दुरुस्ती के लिए है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि सड़क पर इंटरलाकिंग टाइलें ठीक से नहीं लगाई गई हैं। इस्तेमाल की गई टाइलें भी अच्छी गुणवत्ता की नहीं हैं। इन कमियों के कारण सड़क पर कई जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है।


करोड़ों रुपये के फंड का दुरुपयोग

खरड़ नगर काउंसिल ने सड़क की मरम्मत और सुंदरीकरण के लिए 4.5 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने 30 किलोमीटर सड़क के नवीनीकरण के लिए 41 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इतनी बड़ी धनराशि के बावजूद काम में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया काम करके जनता के खजाने का पैसा बर्बाद किया जा रहा है।
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