जीरकपुर। विमुक्त और घुमंतू जातियों के लिए 31 अगस्त को विमुक्त जाति आजादी दिवस मनाया जाएगा। यह आयोजन ग्लास पैलेस, दप्पर में होगा। इस दौरान सरकार के सामने समुदाय की अहम मांगें रखी जाएंगी। विमुक्त जाति वेलफेयर बोर्ड पंजाब के अध्यक्ष बरखा राम ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1952 में 31 अगस्त को क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट समाप्त किया गया था। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में हर वर्ष यह दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में विमुक्त जाति प्रमाणपत्र, 2 फीसदी आरक्षण और भेड़-बकरियों के बीमा की मांग उठाई जाएगी। पशुओं की मौत या नुकसान पर उचित मुआवजा भी मांगा जाएगा। गडरिया समाज के लिए मोहाली या चंडीगढ़ में भवन हेतु जमीन और कोष की मांग भी रखी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।
ऊन मंडी और सर्वेक्षण की मांग
बरखा राम ने पंजाब में ऊन बेचने के लिए उचित मंडी न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पानीपत की ऊन मंडी बंद होने से भेड़ पालकों को परेशानी हो रही है। सरकार से पंजाब में ऊन की मंडी या सरकारी खरीद व्यवस्था शुरू करने की मांग की गई है। बरखा राम ने पंजाब सरकार के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में विमुक्त जातियों के लिए अलग कॉलम रखने को महत्वपूर्ण बताया। इससे समुदाय की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी।