नयागांव। नगर परिषद नयागांव के प्रधान पद के चुनाव की तारीख 21 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने जारी नहीं की है। यह पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इस देरी के कारण शहर के विकास कार्य रुके हुए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में काफी रोष देखने को मिल रहा है। नगर परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पूर्ण बहुमत मिला है।
भाजपा ने 21 में से 16 वार्डों में जीत हासिल की है। तीन वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने एक वार्ड जीता, जबकि आम आदमी पार्टी को भी एक वार्ड मिला। अकाली दल इस बार कोई सीट नहीं जीत सका। प्रधान पद के लिए भाजपा में कई दावेदार सामने आ रहे हैं। प्रशासन अब इस बात पर अंतिम विचार कर रहा है कि किसे प्रधान बनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि चयनित व्यक्ति जनहित में कार्य कर सके।
विकास कार्यों में देरी और जन रोष
प्रधान पद के चुनाव की तारीख घोषित न होने से शपथ ग्रहण समारोह भी लंबित है। इसके चलते नयागांव में विकास कार्य समय पर शुरू नहीं हो पा रहे हैं। 21 वार्डों के चुनाव से पहले भी कई विकास कार्य बंद पड़े थे। अब प्रधान न होने से इन कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस प्रशासनिक सुस्ती से शहर का विकास प्रभावित हो रहा है। लोगों में इस देरी को लेकर काफी नाराजगी है। नयागांव नगर परिषद चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। 21 वार्डों में से 16 पर जीत हासिल कर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। प्रधान पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद पार्टी के भीतर कई नेता इस पद के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं। प्रशासन और भाजपा नेतृत्व अब ऐसे उम्मीदवार का चयन करने पर मंथन कर रहा है। यह उम्मीदवार शहर के विकास और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दे सके।