मोहाली। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नयागांव के बहुचर्चित अमित हत्याकांड में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में नामजद सभी सात आरोपियों महादेव, सहदेव, नवनीत उर्फ नीतू, बिथन देवी, कमलराज उर्फ छोटू, मंजू और सुधा को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि पुलिस और जांच एजेंसी आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में पूरी तरह नाकाम रही है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई सबूत मौजूद नहीं है जो यह साबित कर सके कि इन सात आरोपियों की अमित की हत्या में कोई भूमिका थी। कोर्ट ने कहा कि महज संदेह (शक) के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। जांच एजेंसी उन साक्ष्यों को जुटाने में विफल रही जो आरोपियों पर दोष सिद्ध करने के लिए आवश्यक थे।
यह था पूरा मामला
यह मामला 15 जून 2023 की रात का है। जनता कॉलोनी, नयागांव की निवासी रितु जो सेक्टर-17 के यस बैंक में कार्यरत है, ने पुलिस को बयान दिया था कि उसके मामा सतीश कुमार और मां बबीता संगरूर से उनसे मिलने आए थे। रात के समय आरोपी सहदेव, महादेव और अन्य ने उनके घर का दरवाजा खटखटाया और परिवार को नीचे बुलाया। जैसे ही उसने दरवाजा खोला आरोपियों ने उसे पकड़ लिया। शोर मचाने पर जब उसका मामा, मां, भाभी शालू और भतीजा अमित नीचे आए, तो उन पर हमला कर दिया गया। इस झगड़े में अमित और शालू गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इलाज के दौरान हुई थी मौत
गंभीर चोटों के कारण 17 जून 2023 को अमित को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद नयागांव पुलिस ने हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सात लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। हालांकि, लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने साक्ष्यों की कमी के चलते सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।