जीरकपुर। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) और पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को ई-फार्मेसी के विरोध में देशभर में दवा विक्रेताओं ने राष्ट्रव्यापी बंद हड़ताल रखी। इस बंद का असर मोहाली जिले के जीरकपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भी साफ तौर पर देखने को मिला, जहां शहर की अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहीं।
जीरकपुर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पुनीत कुमार और महासचिव राजीव चाटली सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी अमरदीप सहनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में केमिस्ट पटियाला चौक पर एकत्र हुए। इस दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी अमरदीप सहनी सहित अन्य दवा विक्रेताओं ने हाथों में बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और ई-फार्मेसी नीति का विरोध जताया।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि ई-फार्मेसी व्यवस्था जन स्वास्थ्य और रोगी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। उनका आरोप है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण फर्जी और असत्यापित पर्चों पर भी दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे नशीली दवाओं और एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फार्मासिस्ट और मरीज के बीच सीधा संवाद समाप्त हो जाता है, जिससे गलत दवा मिलने, दवाओं के गलत इस्तेमाल तथा नकली और अशुद्ध दवाओं के बाजार में आने का खतरा बढ़ सकता है।
छोटे दवा विक्रेताओं के भविष्य पर मंडराया संकट
पुनीत कुमार और राजीव चाटली ने आरोप लगाया कि बड़े कॉर्पोरेट घराने भारी छूट और अनियमित प्राइसिंग के जरिए पारंपरिक दवा कारोबार को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे छोटे केमिस्टों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है और देशभर में इस व्यवसाय से जुड़े करोड़ों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
अवैध ई-फार्मेसी पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग
केमिस्ट एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से अधिसूचना जीएसआर 220(ई) और जीएसआर 817(ई) को तुरंत वापस लेने तथा अवैध ई-फार्मेसी पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि दवा कोई सामान्य वस्तु नहीं, बल्कि मरीज की जिंदगी और सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय है।
जीरकपुर केमिस्ट एसोसिएशन ने सभी दवा विक्रेताओं का बंद को सफल बनाने के लिए आभार जताते हुए कहा कि भविष्य में भी अपने अधिकारों और मरीजों की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा।