भारी वाहन रेलवे ट्रैक को पहुंचा रहे थे नुकसान, लोगों को चार से पांच किलोमीटर घूमकर जाना पड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। रेलवे विभाग ने गाजीपुर अंडरपास बंद कर दिया है। इससे यहां से निकलने वाले वाहनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस कारण स्थानीय लोगों में रोष है। हालांकि स्थानीय लोग रेलवे विभाग के कर्मचारियों को गड्ढे खोदने से रोक तो नहीं पाए लेकिन रास्ता बंद न करने के आग्रह जरूर करते रहे।
गाजीपुर निवासी हरमेश सिंह, प्रदीप कुमार, सुखविंदर सिंह, सोमनाथ, जसविंदर सिंह, देश राज, बलविंदर सिंह, आदि ने बताया कि वह लोग यह रास्ता लंबे समय से इस्तेमाल कर रहे हैं और आसपास के लोग अब जाम से बचने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, रेलवे विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि यह आम रास्ता नहीं बल्कि पानी की निकासी व गांव निवासियों के इस्तेमाल के लिए था लेकिन लोगों ने इसे आम रास्ता बना दिया है और बड़े वाहन भी यहां से निकाले जा रहे हैं जबकि बड़े वाहनों के लिए यहां से निकलने की इजाजत नहीं है। यहां से लोग शटरिंग से भरी ट्रालियां निकालते हैं। इस कारण रेलवे ट्रैक की स्लैब में दरारें आनी शुरू हो गई हैं और रेलवे ट्रैक की आलाइनमेंट भी बिगड़ रही है। इस कारण हादसे का खतरा बढ़ रहा है। यही कारण है कि रेलवे विभाग ने यह अंडरपास बंद कर दिया है।
अंडरपास बंद होने से बढ़ जाएगी जाम की समस्या
वैसे तो शहर में हर तरफ जाम ही जाम है लेकिन बहुत सारे लोग जाम से बचने के पंचकूला, ढकोली व पीरमुछल्ला, मुबारिकपुर व डेराबस्सी जाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करते थे। यह रास्ता मेट्रो माल के सामने व थाने वाली रोड से होते हुए गाजीपुर गांव को क्राॅसकर ओल्ड कालका रोड से जाकर मिलता है तो लोगों को इस रास्ते के कारण जाम से काफी राहत मिल जाती थी लेकिन अब इस रास्ते के बंद होने के कारण चंडीगढ़-अंबाला हाईवे और पंचकूला रोड पर जाम लगना शुरू हो जाएगा। यह रास्ता जाम से बचने के लिए बहुत अच्छा शार्टकट था। यदि यह रास्ता बंद होता है तो लोगों को चार से पांच किलोमीटर घूमकर आना पड़ेगा और जाम का समाना भी करना पड़ेगा।
कोट्स...
हमारा रास्ता बंद न किया जाए
हम जब से यहां रह रहे हैं तब से यह रास्ता खुला है और हम इस्तेमाल भी कर रहे हैं। यदि यह रास्ता बंद कर दिया तो बाहरी लोग जिनकी वजह से परेशानी हो रही है। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फर्क तो हमें पड़ेगा क्योंकि हमारे लिए यह रास्ता जरूरी है। रेलवे विभाग से हमारी अपील है कि बड़े वाहन बंद करो लेकिन हमारा रास्ता बंद न किया जाए। -हरमेश सिंह, निवासी गाजीपुर
चार से पांच किलोमीटर घूमकर जाना पड़ेगा
हमारे खेतों में दो अंडरपास लगते हैं और यही शॉर्टकट रास्ते हैं। एक अंडरपास में तो अक्सर पानी भरा रहता है और हम लोग इसी रास्ते का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं यदि यह भी बंद हो गया तो हमें चार से पांच किलोमीटर घूमकर जाना पड़ेगा। इससे टाइम भी खराब होगा ओर फिर जाम की समस्या से जूझना पड़ेगा। -प्रदीप कुमार, गाजीपुर
गांववासियों के लिए रास्ता खोल दिया जाए
मेरे पिता सरपंच थे तो चार साल पहले जब पिछली बार रेलवे विभाग ने अंडरपास बंद किया था तो मेरे पिता ने डीआरएम अंबाला से बात करके खुलवाया था। जबकि हमारे खेतों के लिए यही रास्ता लगता है। यदि यह रास्ता बंद कर दिया गया तो हमें चार से पांच किलोमीटर घूमकर जाना पड़ेगा। कम से कम गांव निवासियों के लिए तो खोल देना चाहिए।
-सुखविंदर सिंह, निवासी गाजीपुर
भारी वाहनों को बंद करने की कोशिश
भारी वाहनों को बंद कर दो हमें कोई समस्या नहीं है। रेलवे ट्रैक को भारी वाहनों की वजह से नुकसान हो रहा है जबकि हमारे गांव के लोग यहां से भारी वाहन नहीं निकालते। कुछ बाहर के लोग हैं जिन्होंने ने आसपास शटरिंग का काम किया है तो उनकी वजह से हमें भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां बैरिकेड लगाकर बड़े वाहन बंद कर देने चाहिए।
-सोमनाथ, निवासी गाजीपुर
कोट्स....
विभाग ने रेलवे ट्रैक को होने वाले खतरे को देखते हुए यह रास्ता बंद किया है। गाजीपुर अंडरपास के नीचे से बड़े वाहन निकल रहे हैं और ट्राॅलियां जो शटरिंग से भरी निकलती हैं वह पुल की स्लैब से टकराकर निकलती हैं। इस कारण रेलवे ट्रैक की अलाइनमेंट को नुकसान हो रहा था इसलिए विभाग ने रास्ता बंद करने के आदेश दिए हैं।
-साइट इंजीनियर, रेलवे विभाग