गमाडा की टीम ने गांव पर्छ और बड़ी करोरां में 20-25 मकानों को ढहाया
हटाने हैं तो सबका अवैध निर्माण गिराओ, चुन-चुन कर न फेरो ‘झाड़ू’
लोगों ने इकट्ठे होकर पंजाब सरकार पर लगाए गलत तरीके से कार्रवाई करने के आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। गमाडा की टीम ने वीरवार को गांव पर्छ और बड़ी करोरां में नए चल रहे कुछ अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ कार्रवाई करके इन्हें गिराया। इस इलाके में गमाडा ने नए निर्माण पर पाबंदी लगा रखी है। इसके बावजूद कुछ लोग चुपके से अवैध तरीके से निर्माण कार्य कर रहे हैं। इनका कहना है कि अगर गमाडा को अवैध निर्माण गिराने हैं तो चुन-चुन कर झाड़ू न फेरे, बल्कि सभी के खिलाफ कार्रवाई करें।
गमाडा की टीम दोपहर करीब 12 बजे इलाके में लाव-लश्कर के साथ पहुंची। इस कार्रवाई के दौरान उन्होंने करीब 20-25 अवैध निर्माण गिरा दिए। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का जमकर विरोध भी किया। गमाडा की टीम ने मौके पर जब कुछ मकानों को छोड़ दिया और कुछ पर ही कार्रवाई की तो लोगों ने कहा कि अगर हटाने हैं तो सबके अवैध निर्माण गिरा दिए जाएं, ऐसे चुन-चुन कर कुछ लोगों पर कार्रवाई न की जाए।
गांव पर्छ में जैसे ही टीम पहुंची तो गांव के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को राजस्व देकर उन्होंने रजिस्ट्री करवाई है। फिर उन्हें वहां मकान क्यों नहीं बनाने दिया जा रहा है। अगर कार्रवाई करनी है तो उन प्रॉपर्टी डीलरों पर की जाए जिन्होंने झूठे झांसे देकर भोले-भाले लोगों को जमीन बेची है। उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई इसमें लगाई हुई है।
वहीं गांव बड़ी करोरां में लोगों ने गमाडा की टीम का जमकर विरोध किया। इस दौरान गमाडा ने अवैध निर्माण गिराने के साथ ही खोदकर बनाई हुई बुनियादों को भी तोड़ डाला। मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर मौजूद मनीष शर्मा (नायब तहसीलदार ब्लॉक माजरी) ने लोगों को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग अपने घरों को बचाने के लिए जेसीबी के आगे डट गए। मामला बढ़ता देखकर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात हो गया। डीएसपी सिटी-1 एचएस मान ने खुद पुलिस की टीम की अगुवाई की। बड़ी मशक्कत के बाद गमाडा की टीम ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया।
पानी बेचकर बनाई छत, अब गमाडा कह रहा... पीछे हट : प्रवेश
इलाके में पानी का व्यापार करने वाले प्रवेश के घर पर गमाडा की टीम जब कार्रवाई करने के लिए पहुंची तो वह गेट के सामने बैठ गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि काफी साल से 20-20 रुपये में पानी के कैंपर बेचकर छत के पैसे जुटाए हैं। अब गमाडा वाले मुझे यहां से हटने के लिए कह रहे हैं। वहीं परिवार के तीन सदस्य घर के अंदर ताला लगाकर बैठ गए। इस दौरान गमाडा और पुलिस के अधिकारी उसे करीब पौना घंटा तक समझाते रहे। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने उसे जबरन वहां से उठाया। फिर जब वे घर के अंदर जाने लगे तो अंदर से ताला लगा देखकर उसे खोलने के लिए कहने लगे लेकिन घर के सदस्य आशियाना टूटने के डर से चाबी नहीं दे रहे थे। इस पर पुलिस ने उन्हें समझाया कि अगर ताला नहीं खोला तो वे इसे तोड़कर अंदर आ जाएंगे। काफी समझाने के बाद घर के सदस्यों ने ताला खोल दिया। जब घर के अंदर से प्रवेश के पिता बाहर आ रहे थे तो उनकी आंखों में आशियाना उजड़ने का खौफ साफ दिखाई दे रहा था। इसके बाद गमाडा ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई करनी है तो बड़े लोगों से शुरू करें
इस मौके पर मौजूद लोगों ने सरकार पर गुस्सा जताते हुए चेतावनी दी है कि सरकार इलाके में बड़े-बड़े अवैध निर्माण करके बैठे लोगों पर कार्रवाई करके दिखाए। अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति के लिए छोटे लोगों पर कार्रवाई कर देते हैं जबकि इस इलाके में बड़े लोगों ने फार्म हाउस से लेकर मैरिज पैलेस तक बनाए हुए हैं। इनमें प्रदेश और केंद्र सरकार के बड़े-बड़े मंत्री और अधिकारी शामिल होने के लिए आते हैं। उन्हें शायद आते-जाते यह छोटे मकान ही दिखाई देते हैं। जहां वे जाते हैं, वहां पर जाकर शायद वे आंखें बंद कर लेते हैं।