दो जिलों में फंसे बनूड़ के बुजुर्ग, पेंशन लगवाने के लिए हो रहे परेशान
मामला गंभीर, जल्द विचार किया जाएगा : रविंदर सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी
लांडरां/बनूड़। सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से हाल ही में लिए गए निर्णय के कारण बनूड़ क्षेत्र दो हिस्सों में बंट गया है। उसके वृद्ध और विधवा पेंशनर जगह-जगह धक्के खाने को मजबूर है। उनके लिए कहीं उम्मीद की किरण नजर नहीं आ रही है।
जानकारी के मुताबिक 15 साल पहले उनकी सहमति से बनूड़ के 28 गांवों को पटियाला से मोहाली जिले में मिला दिया गया था लेकिन पटियाला जिले के साथ राजस्व और पुलिस विभाग अभी भी काम कर रहे है। इस कारण एसडीएम, डीसी और वित्त पदाधिकारी मोहाली जिले से हैं, जबकि पंचायत और पुलिस स्तर के कार्य पटियाला से हो रहे हैं। यानी उन्हें एसएसपी और डीडीपीओ से मिलने पटियाला जाना पड़ रहा है।
पेंशन लेनी है तो पटियाला में खुलवाना होगा बैंक खाता
लंबे समय से दो जिलों की पीड़ा झेल रहे उक्त गांवों के बुजुर्गों के लिए नया फरमान आया है कि वृद्धावस्था पेंशन के पात्र बुजुर्ग ही पेंशन पाने के हकदार होंगे तो उनका खाता पटियाला जिले के बैंकों में होगा, लेकिन बनूड़ क्षेत्र के ज्यादातर बैंक मोहाली जिले के अंतर्गत आते है और पेंशन पाने वाले वरिष्ठ नागरिकों के खाते भी मोहाली में ही है। इन खाताधारकों के बुजुर्गों और विधवाओं को पेंशन लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मसला जल्द हल करने का दिया आश्वासन
इस मामले को लेकर बनूड़ के सेवा केंद्र की प्रभारी परविंदर कौर ने कहा कि पहले बाल विकास और संरक्षण विभाग के डेराबस्सी कार्यालय के माध्यम से पेंशन का भुगतान किया जाता था लेकिन सामाजिक सुरक्षा विभाग, पंजाब द्वारा लिए गए निर्णय के साथ नई पेंशन के लिए राजपुरा कार्यालय में आवेदन कर दिया गया है। वहीं जब जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी रविंदर सिंह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जल्द ही मामले का समाधान कर दिया जाएगा।
लांडरां/बनूड़ ।बनूड़ स्थित सेवा केंद्र