एक और बेटे की मौत, मां बोली- मेरे तीनों बेटे नशे ने निगले
पांच दिन से घर नहीं आया था बहादुर, गांव खिजराबाद के खंडहर इलाके से मिला शव
गमगीन बिलखती मां बोलीं- पंजाब सरकार नशा रोकने में नाकाम है, नशा तस्करों के खिलाफ नहीं हो रही कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मुल्लांपुर। खिजराबाद गांव में 20 साल के एक युवक की नशे के कारण मौत हो गई है। मृतक पांच दिन से घर नहीं आया था और अब पड़ोस के गांव के ही एक खंडहर इलाके से उसका शव बरामद हुआ है। रोती बिलखती मां बोली कि बेटा घर से कहकर गया था कि एक घंटे में आ रहा हूं, लेकिन कई दिनों तक वापस नहीं आया। जब इस जगह पर आकर देखा तो बेटा बेसुध हालत में पड़ा हुआ था। मृतक की पहचान बहादुर सिंह निवासी मियांपुर चंगर के रूप में हुई है।
मृतक बहादुर सिंह की आंसू बहाती गमगीन मां ने कहा कि मेरे तीनों बेटे नशे ने निगल लिए हैं। भले ही पंजाब सरकार नशे पर काबू पाने का दावा करती आ रही है, लेकिन असलियत कुछ और ही है। अगर नशे पर रोक लगाई जाती तो आज मेरे तीनों बेटे जिंदा होते। तीनों ही नशे से खत्म हो गए हैं। मृतक की भाभी ने बताया कि बहादुर सिंह पहले भी नशा करता था। वह रविवार को घर आया था, इसके बाद से घर नहीं लौटा। जब उसकी लाश मिली तो उसका रंग पीला पड़ा हुआ था और हाथ पैर नीले थे। उसका मोबाइल फोन भी उसकी जेब से मिला है और आसपास नशे का सामान बिखरा पड़ा हुआ था।
वहीं बहादुर सिंह के परिजनों का आरोप है कि पुलिस नशे के सौदागरों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पूरा गांव नशे की चपेट में है लेकिन कोई सुध लेने वाला ही नहीं है। स्थानीय निवासी गुरिंदर सिंह का कहना है कि प्रशासन से पहले लोगों का जागरूक होना जरूरी है। अगर उन्हें लग रहा है कि कोई बाहर से आकर नशा बेच रहा है, तो उसकी जानकारी पंचायत को दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। गांव काफी बड़ा है और पुलिस को भी गश्त करनी चाहिए।
कोट
यह मामला मेरे संज्ञान में आया था। हमने मामला दर्ज कर लिया है। पता चला है कि मृतक युवक किसी लड़के के साथ गया था, इसलिए गुमशुदगी का केस नहीं बनता था। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी। अभी शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया है। -योगेश कुमार, थाना प्रभारी, मुल्लांपुर