जीरकपुर। डेराबस्सी की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने अवैध निर्माण के मामले में नगर परिषद जीरकपुर को कड़ी फटकार लगाकर आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने फैसला सुनाकर कहा कि नगर परिषद अपने ही आरोपों को साबित करने में पूरी तरह विफल रही। वर्षों तक चले इस मामले में एक भी ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी है। मामला वर्ष 2018 का है। नगर परिषद जीरकपुर ने राम करण निवासी श्याम नगर जीरकपुर के खिलाफ साइट प्लान के उल्लंघन में अवैध निर्माण करने का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज करवाई थी। आरोप था कि आरोपी ने नगर परिषद से स्वीकृत नक्शे के खिलाफ निर्माण किया।
और नोटिस के बाद भी काम बंद नहीं किया। अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आया कि शिकायतकर्ता पक्ष को अपने आरोप साबित करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन नगर परिषद की ओर से न तो कोई गवाह पेश किया गया और न ही कोई दस्तावेजी साक्ष्य रिकॉर्ड पर रखा गया। यहां तक कि अंतिम मौका मिलने के बाद भी परिषद कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर सकी। अदालत ने कहा कि जब रिकॉर्ड पर आरोपी के खिलाफ कोई भी ठोस या आपत्तिजनक साक्ष्य मौजूद नहीं हैं, तो उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता। सबूतों के अभाव में अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया है।