मोहाली। नगर निगम की ओर से अगले वित्तीय वर्ष में लोगों पर किसी तरह का कोई आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा। साथ ही कोई नई परियोजना भी जारी नहीं की जाएगी। पहले से चल रही परियोजनाओं को ही गति दी जाएगी। इस दौरान पार्कों, सड़कों से लेकर गोशाला और अन्य चीजों की पूरी देखरेख की जाएगी। निगम की ओर से वर्ष 2021-22 के लिए 148 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है। यह बजट तैयार करते समय इस भी ध्यान रखा गया है कि हाउस की मंजूरी के बाद इस पर निकाय विभाग किसी तरह की कैंची न चला पाए। वहीं, अधिकारियों को उम्मीद है कि हाउस की पहली बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दे दी जाएगी। इसके बाद परियोजनाएं पूरी करने में तेजी आएगी।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम के अधिकारियों ने पिछले साल से सबक लेते हुए यह बजट पूरी रणनीति बनाने के बाद तैयार किया है। इस दौरान जहां इलाके की सड़कों की देखभाल और इनकी मरम्मत पर 7.5 करोड़ का बजट रखा गया है। वहीं, फुटपॉथों के निर्माण पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, पार्कों की देखभाल के काम पर करीब 1.5 करोड़ खर्च किए जाएंगे। जबकि गोशाला और आधुनिक स्लाटर हाउस के लिए 10-10 लाख रुपये की राशि तय की गई है। जबकि अन्य कामों के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित बजट में रखी है। हालांकि अधिकारियों की मानें तो इस दौरान नगर निगम ने करीब 28 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में कमाने का लक्ष्य रखा है। जबकि विज्ञापन से 11 करोड़, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी से तीन करोड़, वाटर सप्लाई और सीवरेज से 1.10 करोड़, बिल्डिंग एप्लीकेशन फीस के 75 लाख और किराये और तहबाजारी के रूप में 60 लाख रुपये मिलेंगे। बता दें कि मोहाली नगर निगम का चुनाव हो चुका है। नए पार्षदों ने अभी तक शपथ नहीं ली है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक शपथ समारोह होगा। इसके बाद बजट और अन्य औपचारिकताएं होगी।
कोविड से प्रभावित हुई निगमी की आमदनी
जानकारी के मुताबिक नगर निगम को जिन चीजों से आमदनी होनी थी, उस पर भी कोविड की वजह से बुरा असर पड़ा है। प्रॉपर्टी टैक्स से नगर निगम ने करीब 27 करोड़ रुपये की आमदनी का लक्ष्य रखा था, लेकिन निगम को केवल 17 करोड़ की ही वसूली हो पाई है। एक्साइज ड्यूटी से 30 करोड़ की आमदनी का लक्ष्य रखा गया था, जबकि आमदनी सिर्फ 12.5 करोड़ रुपये की ही हुई। इसी तरह तहबाजारी से करीब 60 लाख का लक्ष्य रखा गया था। आमदनी केवल 32 लाख रुपये की ही हुई। इसी तरह यूनिपोल पर लगे विज्ञापनों से आमदनी होनी थी। लेकिन वहां लगाने के लिए विज्ञापन के ऑर्डर नहीं मिलने के कारण नगर निगम को नुकसान ही हुआ है।
पिछले साल ऐसे चली थी बजट पर कैंची
नगर निगम की ओर से पिछले साल नगर निगम की हाउस की बैठक में 268 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था। लेकिन बाद में स्थानीय निकाय विभाग ने इसमें काफी मात्रा में कटौती कर दी थी। इस दौरान 141 करोड़ रुपये की कटौती की गई थी। जिसके बाद 127 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। इसी तरह बजट में कटौती होने से काफी काम प्रभावित हुआ था। इस कारण नगर निगम इस बार पूरी रणनीति से काम कर रहा है।
बजट वाली खबर का बॉक्स
शहर का विकास हो रहा प्रभावित, पार्षदों को तुरंत दिलाएं शपथ : परविंदर सोहाना
नगर निगम और नगर परिषदों के चुनाव के नतीजे डेढ़ महीना पहले आ गए थे। इसके बावजूद अभी तक चुने गए पार्षदों को पंजाब सरकार की ओर से शपथ नहीं दिलाई गई। इससे इलाकों के विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है और मोहाली नगर निगम के अधीन आने वाले क्षेत्रों के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। यह बात बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में लेबरफेड पंजाब के पूर्व एमडी परविंदर सिंह सोहाना ने कहीं। उन्होंने कहा कि मोहाली शहर के लिए नगर निगम का प्रस्तावित बजट अधिकारियों ने अपनी मर्जी से तैयार किया है, जो कि गलत है। अगर सरकार समय पर अधिसूचना जारी करती तो इलाकों के पार्षद अपने हिसाब से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव में रकम रखवा पाते और उचित तरीके से विकास करवा पाते। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं में नगर निगम के पदों को लेकर जंग चल रही है। जिस वजह से यह हालात पैदा हुए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि चुने हुए पार्षदों को तुरंत शपथ दिलाई जाए, ताकि पंजाब को नवां नरोआ पंजाब बनाया जाए। इस मौके पर सुरिंदर सिंह रोडा और हरविंदर सिंह नंबरदार भी मौजूद थे।