प्रेस कांफ्रेंस के दौरान नाबी और पीजीआई की टीम।
मोहाली। नेशनल एग्री फूड बायो टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (नाबी) व पीजीआई चंडीगढ़ अब साथ मिलकर काम करेंगे। दोनों कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य उत्पादों और उपभोक्ताओं पर इनके प्रभावों को लेकर एक रिसर्च करेंगे। इस रिसर्च की फंडिंग क्रेमिका फूड इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा की जाएगी। इस संबंधी एमओयू पर शुक्रवार को सेक्टर-81 नाबी में साइन किए गए। यह रिसर्च छह महीने में पूरी होगी। इस टेस्ट प्रोग्राम की परिकल्पना और निगरानी डॉ. टीआर शर्मा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एनएबीआई, डॉ. महेंद्र बिश्नोई, एनएबीआई और डॉ. संजय बडाडा, हेड, एंडोक्रिनोलॉजी, पीजीआई द्वारा की जाती है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि एनएबीआई में इस तरह की रिसर्च गतिविधियां की जा रही हैं, जोकि सीधे तौर पर आम लोगों के स्वास्थ्य से संबंधित हैं। डॉ. बिश्नोई ने इस प्रोजेक्ट और भारत में मधुमेह की बढ़ती आबादी के लिए इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। डॉ. बडाडा ने जीवन शैली विकारों में सहयोगी अनुसंधान के महत्व के बारे में बात की, क्योंकि पीजीआई इस तरह की रिसर्च के मानव परीक्षणों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अक्षय बेक्टर चेयरमैन एवं एमडी, क्रेमिका फूड इंडस्ट्रीज ने कहा कि अपनी शुरुआत से ही क्रेमिका फूड इंडस्ट्रीज ग्राहक की आवश्यकताओं के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है। हम स्वाद और गुणवत्ता दोनों पर विशेष ध्यान देकर अपने उत्पादों को डिजाइन / तैयार करते समय अतिरिक्त ध्यान रखते हैं। इस तरह की एक स्टडी के लिए फंडिंग करके हम स्वास्थ्य पर लो ग्लाइसेमिक स्तरों के सकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करने का इरादा रखते हैं और एक तरह से हमारे उपभोक्ताओं को सही विकल्प बनाने में मदद करते हैं। हम इस अध्ययन को सही दिशा में आगे बढ़ाकर अपने तकनीकी ज्ञान और समर्थन को बढ़ाने के लिए एनएबीआई और पीजीआई को धन्यवाद देते हैं। इस मौके पर अजीज खान, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट टेक्निकल, अरुण तलवार जीएम- क्वालिटी, निखिल भुच्चर वाइस प्रेसिडेंट, ह्यूमन रिसोर्सेज, अजय शर्मा इंचार्ज रेगुलेटरी अफेयर्स और विवेक पाठक, डीजीएम-मार्केटिंग शामिल हैं।
ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) खाद्य पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट की एक संबंधित रैंकिंग है, जिसके अनुसार ये आंका जाता है कि वे ब्लड शूगर (रक्त शर्करा) के स्तर को कैसे प्रभावित करते हैं। इन वर्षों में, क्रेमिका ने लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स सॉसेज, ड्रेसिंग और जैम विकसित किए हैं। जिनको खास तौर पर लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स शुगर्स के साथ बनाया गया है। लाभों के सत्यापन के लिए संयुक्त अध्ययन किया जा रहा है और पूरा होने पर, इस अध्ययन के परिणाम सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित किए जाएंगे। परिणामों के आधार पर, कंपनी ग्राहकों के लिए वैध सिफारिशें और सुझाव देने में सक्षम होगी।