फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार संबंधी सामग्री का प्रसार करने पर छह माह में आठ से अधिक एफआईआर दर्ज, 168 आपत्तिजनक पोस्ट का खुलासा

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार संबंधी सामग्री (सीएसईएएम) के ऑनलाइन प्रसार के खिलाफ मोहाली साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में पांच नई साइबर टिपलाइन के आधार पर तीन फेसबुक और इंस्टाग्राम खातों के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मार्च 2026 से अब तक ऐसे आठ से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। मार्च में दो एफआईआर में 168 आपत्तिजनक पोस्ट का खुलासा हुआ था।
विज्ञापन

अमेरिका स्थित नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन (एनसीएमईसी) ने जून और जुलाई में पांच साइबर टिपलाइन एनसीआरपी पर भेजी थीं। प्रारंभिक जांच में फेसबुक और इंस्टाग्राम के तीन खातों से सीएसईएएम की बिक्री व वितरण को बढ़ावा देने वाले पोस्ट और लिंक सामने आए। पुलिस ने जांच के दौरान सात वीडियो और चार तस्वीरें रिकॉर्ड में ली हैं। इंस्पेक्टर मनप्रीत कौर ने प्रारंभिक जांच की। पुलिस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम की कानूनी टीम से बीएनएसएस की धारा 94 के तहत जानकारी मांगी है। तकनीकी रिकॉर्ड में इन खातों से जुड़े दो मोबाइल नंबर लुधियाना के एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत पाए गए हैं। जांच में सोशल मीडिया पोस्ट और लिंक को बढ़ावा देने के लिए पेपाल के माध्यम से भुगतान की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने पेपाल के नोडल अधिकारी को नोटिस भेजकर केवाईसी और लेनदेन का रिकॉर्ड मांगा है।
पुरानी कार्रवाई और आंकड़े
साइबर पुलिस की पिछली कार्रवाई में भी महत्वपूर्ण खुलासे हुए थे। मार्च में दर्ज दो मामलों में सोशल मीडिया पर 168 सीएसईएएम पोस्ट पाए गए थे। इन मामलों में दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। अप्रैल में एनसीएमईसी की सूचना पर गूगल ड्राइव से जुड़े दो जीमेल खातों की जांच हुई। इस दौरान 24 तस्वीरें और दो वीडियो सहित 26 फाइलें मिली थीं। पुलिस ने आईपी और मोबाइल नंबर के तकनीकी रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ाई थी।
विज्ञापन




मई-जून में भी मामले दर्ज

मई और जून में भी एनसीएमईसी की टिपलाइन के आधार पर मामले दर्ज किए गए थे। 21 मई को इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से सीएसईएएम अपलोड और प्रसारित करने के आरोप में एक मामला दर्ज हुआ। 12 जून को व्हाट्सएप के जरिये सीएसईएएम साझा किए जाने के मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत केस दर्ज किया गया। इन दोनों कार्रवाइयों का आधार भी एनसीएमईसी की रिपोर्ट थी।



उच्च न्यायालय में भी है उल्लेख

जुलाई में पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष एक मामले में मोहाली स्टेट साइबर क्राइम थाने में दर्ज एफआईआर का उल्लेख हुआ। इस मामले में जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से सीएसईएएम मिलने की बात रिकॉर्ड में दर्ज है। यह केस आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत दर्ज किया गया था।

एफआईआर फिलहाल अज्ञात सोशल मीडिया संचालकों के खिलाफ है। वास्तविक ऑपरेटरों की पहचान की जांच शुरु कर दी गई है। - प्रभजोत कौर, इंस्पेक्टर, थाना साइबर क्राइम
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें