उत्तर भारत में इन दिनों वायु प्रदूषण सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। मोहाली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड रिसर्च के साइंटिस्ट डॉ. सम्राट घोष ने एक विशेष मास्क बनाया है, जिससे लोग इस प्रदूषण से बच सकते हैं। सांस लेने और छोड़ने के लिए अलग अलग चैंबर वाले इस मास्क से कोई इन्फेक्शन भी नहीं होगा। उन्होंने केंद्र सरकार को भी इससे अवगत कराया है।
डॉ. सम्राट घोष ने बताया वह कुछ दिन पहले अपने घर दिल्ली गए थे। वहां पराली के धुएं की वजह से वातावरण पूरी तरह प्रदूषित हो चुका था। उन्होंने देखा कि जो लोग आम मास्क इन दिनों यूज कर रहे हैं, वह उनके लिए बाद में मुसीबत बनेंगे। क्योंकि उस मास्क में सांस लेने और छोड़ने की जगह एक ही है। ऐसे में बीमारियां लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। वहीं, जो लोग चश्मा लगाते हैं।
अगर वह इसे यूज करते है तो सांस छोड़ते समय भाप ऊपर उठती है, जो चश्मे के लैंस पर जम जाती है। इसके अलावा सांस छोड़ते समय मुंह से पानी आदि उस पर लग जाता है। इससे कुछ समय बाद मास्क से बदबू आने लगती है। इसी तरह सर्दी के मौसम में सर्दी और जुकाम भी लोगों को आम हो जाता है। ऐसे में भी लोग मास्क लगाते हैं। वह उसी में खांस देते हैं, जिससे उसमें कीटाणु लग जाते हैं।