मोहाली। जिला सेहत विभाग की मेहनत रंग लाई है। वीआईपी जिले मोहाली के लिंगानुपात में गत एक साल में रिकॉर्ड सुधार हुआ है। अब एक हजार लड़कों के पीछे लड़कियों की संख्या 920 हो गई। पहले यह संख्या 902 थी। इसका खुलासा रविवार को डीसी गिरीश दियालन ने किया। उन्होंने बताया कि लिंगानुपात में हुुआ सुधार इस बात का गवाह है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहिम को जिले में कामयाबी मिली है।
उन्होंने बताया कि इस स्कीम के तहत सेहत विभाग ने कई कदम उठाए हैं। इसके तहत पीएनडीटी एक्ट के तहत व्यापक चेकिंग मुहिम चलाई गई। साथ ही एक्ट को सख्ती से लागू किया गया। इसके अलावा लोगों को बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ मुहिम के बारे में जागरूक किया गया। आशा एएनएम गर्भवती औरतों की लगातार देखभाल कर रही है। प्रशासन की इन पहलों से लोगों की लड़कियों के प्रति सोच में बदलाव आया है। साथ ही लिंगानुपात को सुधारने में सफलता मिली है।
डीसी ने बताया कि सेहत विभाग के अधिकारियों व मुलाजिमों ने जिले में स्थित 85 अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सख्ती से जांच की। जांच में 89 फीसदी का लक्ष्य पूरा किया गया। जबकि गत वर्ष 69 फीसदी लक्ष्य रखा गया था। वहीं, तीस अल्ट्रासाउंड सेंटरों में खामियां पाई जाने के बाद नोटिस जारी किए गए हैं।
सिविल सर्जन ने समझाए आंकड़े
सिविल सर्जन मोहाली डॉ मनजीत सिंह ने बताया कि पहली जनवरी से 31 अक्तूबर तक जिले में 5931 लड़के व 5474 लड़कियों का जन्म हुआ। सरकारी सेहत संस्थाओं में इस साल अब तक 4690 प्रसव हुए है। उन्होंने बताया कि विभाग पीएनडीटी एक्ट में दर्शाई गई हिदायतों को सख्ती से पालना कर रहा है।
सेहत मंत्री ने अधिकारियों को और मुलाजिमों के प्रयासों को सराहा
सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि बेटियों को भी जन्म, बढ़िया शिक्षा, सेहत संभाल व खुराक का अधिकार है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम लड़कियों को पैदा होने का अधिकार दे। उन्होंने कहा कि आज कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है कि जिसमें लड़कियों ने तरक्की न की हो। कई क्षेत्रों में तो लड़कियां लड़कों से आगे निकल गई है। ऐसे में हमें लड़कियों को लेकर अपनी सोच में बदलाव करना होगा। उन्होंने अन्य जिलों के सेहत अधिकारियों को भी मोहाली से शिक्षा लेने की नसीहत दी।