यूथ अकाली नेता एवं सोपू संगठन से जुड़े रहे विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिड्डूखेड़ा हत्याकांड में मोहाली पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र सिंह गुगनी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गुगनी का प्रोडक्शन वारंट जारी करते हुए उसे 27 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल वह पटियाला जेल में बंद है।
विक्की मिड्डूखेड़ा हत्याकांड में धर्मिंदर सिंह उर्फ गुगनी का नाम कथित साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था। आरोप है कि हत्या की साजिश का संचालन विदेश में बैठे गैंगस्टर लकी पटियाल ने किया था। पटियाल के कहने पर ही गुगनी ने रेकी करवाई थी। शूटरों को लॉजिस्टिक सहायता दी थी और उन्हें हथियार उपलब्ध करवाए थे।
इस बहुचर्चित हत्याकांड में अदालत पहले ही अजे उर्फ लेफ्टी, सज्जन उर्फ भोलू और अनिल लाठ को दोषी करार दे चुकी है। तीनों को सात-सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा धारा 452 के तहत एक-एक वर्ष अतिरिक्त कारावास और ढाई-ढाई लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया था। मामले में नामजद गैंगस्टर कौशल चौधरी, अमित डागर और भूपिंदर सिंह उर्फ भूपी राणा को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। अदालत में पुलिस यह साबित नहीं कर सकी कि तीनों की हत्या की साजिश या वारदात में प्रत्यक्ष भूमिका थी।
आर्मेनिया की जेल में बंद गैंगस्टर गौरव उर्फ लक्की पटियाल, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर शगनप्रीत सिंह और कुछ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण उनके खिलाफ अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है।
शगनप्रीत पर शूटरों की मदद करने के आरोप
पुलिस जांच में सामने आया था कि शगनप्रीत सिंह ने खरड़ स्थित एक फ्लैट में शूटरों के ठहरने का इंतजाम किया था। उसने ही तीन शूटरों की मुलाकात चौथे हमलावर से करवाई और विक्की मिड्डूखेड़ा की गतिविधियों संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाई। पुलिस का दावा है कि मिड्डूखेड़ा की रेकी कराने में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बंबीहा गैंग ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी
सात अगस्त 2021 को मोहाली के सेक्टर-70 में दिनदहाड़े विक्की मिड्डूखेड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के अगले दिन बंबीहा गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। पुलिस की शुरुआती जांच में लक्की पटियाल का नाम भी सामने आया था और दावा किया गया था कि उसी के इशारे पर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। हालांकि मामले में पुलिस के सामने अब भी सबसे बड़ी चुनौती चौथे शूटर की पहचान करना बनी हुई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले की कई अहम जानकारियां विदेश में मौजूद शगनप्रीत सिंह के पास हैं। इसी कारण जांच एजेंसियां अभी तक चौथे हमलावर तक नहीं पहुंच सकी हैं।