स्कॉलरशिप और सर्टिफिकेट वितरण्ा
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चालू वित्तीय वर्ष के दौरान पंजाब पुलिस के भलाई कामों पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह पहला मौका है जब राज्य सरकार ने अपने सालाना बजट में बड़ी राशि की व्यवस्था की है। यह जानकारी एडिशनल जनरल पुलिस भलाई व मुकदमेबाजी वीके उप्पल ने दी। वह सीजीसी लांडरां के ऑडिटोरियम में पुलिस के सहयोग से पुलिस परिवार के होनहार बच्चों को वजीफा स्कीम के तहत स्कॉलरशिप और सर्टिफिकेट बांटने संबंधी करवाए गए समागम को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर उन्होंने डीजीपी सुरेश कुमार अरोड़ा का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया। इसमें पंजाब पुलिस के परिवारों के वजीफा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी गई। साथ ही उक्त पुलिस परिवार को इसके लिए बधाई दी। उप्पल ने पंजाब पुलिस के पिछले साल की वजीफा स्कीम के अधीन पुलिस परिवारों के होनहार बच्चों को दस लाख रुपये का वजीफा बांटा।
इस साल एक प्राइवेट बैंक के सहयोग से 536 पुलिस परिवारों के होनहार बच्चों को 40 लाख रुपये का वजीफा बांटा गया। उन्होंने कहा कि इस बार पुलिस परिवारों के जिन बच्चों ने 12वीं तक 90 फीसदी अंक प्राप्त किए और 12वीं से ऊपर की कक्षाओं में 80 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं, उन्हें वजीफा बांटा गया। साथ ही कहा कि आने वाले समय में इस स्कीम को जारी रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह स्कीम राज्य के डीजीपी सुरेश कुमार अरोड़ा के प्रयासों से संभव हो पाया है। उप्पल ने बताया कि पंजाब पुलिस के परिवारों में नवजात बच्चियों के लिए ‘धी रानी’ स्कीम शुरू की गई है। जिसमें बच्ची के पैदा होने के बाद उसके नाम पर 25 हजार रुपये की एलआईसी पॉलिसी करवाई जाएगी। जो उसके विवाह के समय दो लाख से अधिक की राशि हो जाती है। साथ ही यह राशि पढ़ाई व अन्य स्कीमों पर खर्च की जाती है।
106 होनहार बच्चों को किया सम्मानित
इस दौरान पुलिस ने 106 होनहार बच्चों को 6 लाख 76 हजार 500 रुपये का वजीफा व सर्टिफिकेट बांटें। इस मौके पर एसपी हेडक्वार्टर हरपाल सिंह संधू, सीजीसी कॉलेज लांडरां के प्रधान रछपाल सिंह धालीवाल, एचडीएफसी के जोनल हेड जतिंदर गुप्ता, अजय पुरी, नोडल अफसर सुधीर गांधी, डीएस वजीद सिंह व हरपाल सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे।