आईटी सिटी थाना क्षेत्र में जमीन के कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में पुलिस ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। आईटी सिटी थाना क्षेत्र में जमीन के कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सरवीशा शर्मा की अदालत ने चार जुलाई 2026 को यह आदेश दिया था। कुलदीप सिंह की शिकायत पर 11 सितंबर 2026 को समरदीप सिंह उर्फ शम्मी निहंग और दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह एफआईआर 29 अगस्त 2025 की एक घटना से संबंधित है, जिसमें मारपीट, महिला से अभद्र व्यवहार और कपड़े फाड़ने के आरोप हैं। अदालत ने पुलिस को इस मामले की संयुक्त जांच करने का निर्देश दिया है। दरअसल, इसी घटना को लेकर दूसरे पक्ष की शिकायत पर पहले ही एक एफआईआर दर्ज है। कुलदीप सिंह ने अदालत में शिकायत दी थी कि 29 अगस्त 2025 को समरदीप सिंह और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। जब उनकी पत्नी ने बीच-बचाव किया, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। अदालत ने पाया कि कुलदीप की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर या डीडीआर भी दर्ज नहीं की थी। पुलिस ने इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। अदालत ने कहा कि दोनों पक्ष एक ही घटना को लेकर एक-दूसरे को हमलावर बता रहे हैं, इसलिए संयुक्त जांच आवश्यक है।
जमीन विवाद की पृष्ठभूमि
कुलदीप सिंह ने जसवीर कौर और सरबजीत कौर से जमीन का इकरारनामा कर दो लाख रुपये दिए थे। उन्हें जमीन का कब्जा भी सौंपा गया था। इसके बाद जमीन के हिस्से को लेकर विवाद शुरू हो गया। कुलदीप का आरोप है कि दूसरा पक्ष जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करता रहा। इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में कई शिकायतें और मुकदमे चल रहे हैं। अदालत ने अपने आदेश में पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर टिप्पणी की। कुलदीप की शिकायत 29 अगस्त 2025 को पुलिस हेल्पलाइन 112 पर दी गई थी। बाद में एसएसपी कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बावजूद आईटी सिटी थाने में एफआईआर या डीडीआर दर्ज नहीं की गई। अदालत ने कहा कि पुलिस की ओर से इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
संयुक्त जांच के निर्देश
अदालत ने कहा कि एक ही घटना को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में किसी एक पक्ष की शिकायत को जांच किए बिना झूठा नहीं कहा जा सकता। अदालत ने विशेष रूप से महिला से अभद्रता और कपड़े फाड़ने जैसे आरोपों को देखते हुए पुलिस जांच को जरूरी माना। कोर्ट ने आईटी सिटी थाने के एसएचओ को कुलदीप की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही, पहले से दर्ज एफआईआर नंबर 115 के साथ इसकी संयुक्त जांच करने के आदेश दिए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामले की आगे की जांच महिला एएसआई राजवीर कौर को सौंपी गई है।