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मोहाली : बढ़ते संक्रमण के बीच सेहत विभाग ने मोड़ लिया संक्रमितों से मुंह

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मोहाली। कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी होने के साथ ही इस बार सेहत विभाग संक्रमितों से मुंह मोड़ता नजर आ रहा है। संक्रमितों को न तो कोरोना किट ही मिल पा रही हैं और न ही उनकी मॉनिटरिंग ही सही ढंग से हो रही है। खुद कोरोना संक्रमितों ने सेहत विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि सिविल सर्जन ने खुद माना कि कोरोना किटों की कमी के कारण हर संक्रमित तक किट नहीं पहुंच पा रही।
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एक साल से कोरोना महामारी से लड़ रहा मोहाली का सेहत विभाग अब थक गया है। यही कारण है कि कोरोना संक्रमितों को जरूरी सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रहीं। एक बार फिर जिला मोहाली कोरोना के कहर का सामना कर रहा है। जिले में संक्रमण के मामले एकदम बढ़ गए हैं। ऐसे में चुस्त-दुरुस्त हो महामारी से मुकाबला करने की बजाय सेहत विभाग सुस्त नजर आ रहा है। मौजूदा कोरोना संक्रमितों के साथ-साथ संक्रमण से निजात पा चुके लोगों ने भी सेहत विभाग के ढीले रवैये की बात कही है। फेज-3बी1 का रहने वाला एक परिवार कोरोना संक्रमित पाया गया। इस परिवार की सदस्य जसविंदर कौर ने बताया कि उनका पूरा परिवार कोरोना संक्रमित हो गया है। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जिला प्रशासन के एक मुलाजिम ने फोन कर परिवार की जानकारी हासिल की। मुलाजिम ने कहा कि उन्हें कोरोना किट उपलब्ध करवाई जाएगी और रेगुलर मॉनिटरिंग होगी। जसविंदर कौर ने बताया कि परिवार को संक्रमित हुए दो हफ्ते होने को हैं, लेकिन अभी तक सेहत विभाग ने कोरोना किट तक उपलब्ध नहीं करवाई। उन्होंने ने कहा कि किट तो दूर उनके परिवार की मॉनिटरिंग तक नियमित तौर पर नहीं हो रही। यह मामला सिविल सर्जन तक भी पहुंचाया गया, लेकिन अभी तक हालात वैसे के वैसे ही हैं। कोरोना संक्रमण से जूझ रहे राजीव वशिष्ठ, सुरिंदर कुमार उनके बेटे और गगनदीप सिंह सोढी सहित कोरोना से निजात पा चुके कुछ अन्य लोगों ने भी सेहत विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। इन सभी का कहना है कि उन्हें सेहत विभाग की तरफ से कोरोना किट देने के लिए कहा जरूर गया था, लेकिन किट उपलब्ध नहीं करवाई गईं। इस सभी लोगों ने सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू से अपील करते हुए कहा है कि संक्रमितों के लिए जरूरी इंतजाम करवाए जाएं, ताकि महामारी को फैलने से रोका जा सके।
उधर, सिविल सर्जन डॉ. आदर्शपाल कौर ने माना कि कोरोना किटों की कमी के कारण हर संक्रमित तक किट नहीं पहुंच पा रही है। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण के मामलों में एकदम बढ़ोतरी होने से कोरोना किटों की कमी हो गई है। सिविल सर्जन ने बताया कि जहां पहले जिले में 12 से 13 संक्रमित रह गए थे, वहीं अब इनकी संख्या 400 के पार पहुंच गई है। कोरोना किटों की सप्लाई न हो पाने से पेरशानी हो रही है। उन्होंने माना कि स्थिति सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है। मॉनिटरिंग को लेकर उनका कहना था कि इसकी जिम्मेदारी सरकार की ओर से एक निजी कंपनी को दी गई है। जो संक्रमितों की जानकारी एकत्र कर सेहत विभाग को उपलब्ध करवाती है। इसी जानकारी के आधार पर जरूरत के मुताबिक मरीजों को दवाएं व अन्य सेहत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि अगर मॉनिटरिंग में कोताही बरती जा रही है तो वह इसका संज्ञान लेंगी।
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